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छिंदवाड़ा हत्याकांड: आठ लोगों के कत्लेआम में बचे बच्चे का जिंदगी के लिए संघर्ष, जबड़े पर मारी थी कुल्हाड़ी
Thu, 30 May 2024 07:03 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, छिंदवाड़ा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, छिंदवाड़ा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 30 May 2024 07:03 PM IST
सार
पूरे प्रदेश को दहला देने वाले छिंदवाड़ा हत्याकांड की चर्चा दूसरे दिन भी जारी रहा। आठ लोगों के हत्याकांड में बचे एक दस साल के बच्चे का जीवन के लिए संघर्ष चल रहा है। उसका जबड़ा बुरी तरह टूटा है, जल्द ही सर्जरी की जाएगी।
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छिंदवाड़ा हत्याकांड में जीवित बचा बच्चा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
छिंदवाड़ा जिले के तामिया के बोदल कछार में हुए नृशंस हत्याकांड में घायल हुए 10 साल के यशु का नागपुर के एम्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उसे खाना खाते नहीं बन रहा है। उसकी सर्जरी की तैयारी की जा रही है।
दरअसल आरोपी ने अपनी दादी के साथ सो रहे यशु पर कुल्हाड़ी से वार किया था, इसके बाद उसे मुंह में गंभीर चोट आई थी। उसका जबड़ा लहूलुहान हो गया था। तत्काल उसे छिंदवाड़ा के विवांता अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉ. सुष्मित ने इस मासूम का प्राथमिक उपचार किया। उन्होंने बताया कि उसकी बाएं ओर के जबड़े में गहरा घाव लगा है, हड्डी टूट गई है। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उसे उपचार देने के बाद नागपुर एम्स हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। एसडीएम सुधीर जैन ने बताया कि उन्होंने मासूम बच्चे का ट्रीटमेंट करने के बाद नागपुर के एम्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया, उसकी स्थिति पहले से बेहतर है।
सर्जरी की चल रही तैयारी, मासूम नहीं खा पा रहा खाना
नागपुर में मासूम बच्चों के साथ उसके मामा नामी उइके हैं, जो उसकी देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उसके दांत की सफाई की गई है और छोटे-मोटे टांके लगाए गए हैं। उसकी सर्जरी होना बाकी है। ऐसे में मासूम बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। फिलहाल उसकी हालत सही है, लेकिन उसे खाना खाते नहीं बन रहा है। अब सर्जरी के बाद ही स्थिति में सुधार आएगा।
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सिर्फ 10 साल के मासूम की बची जान, चल रहा उपचार
गौरतलब हो कि बोदल कछार में सनकी युवक ने खूनी खेल खेलते हुए अपने ही घर के आठ लोगों को मौत की नींद सुला दिया था, वहीं उसका अगला निशाना पड़ोस में रहने वाले उसके ताऊ का परिवार था। जैसे ही वह है इस परिवार के आंगन में कुल्हाड़ी लेकर दाखिल हुआ तो उसे सबसे पहले 10 साल का मासूम यशु दिखाई दिया जो अपनी दादी के साथ सो रहा था। इस दरिंदे ने उस पर कुल्हाड़ी से वार करना चाहा तो उसका निशाना चूक गया। कुल्हाड़ी उसके जबड़े में लगी। बच्चे की चीखें सुनकर उसके पास में सोई उसकी दादी उठ गई और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद दरिंदा मौके से भाग गया। कुल्हाड़ी के वार से बच्चे का जबड़ा टूट गया।
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दरअसल आरोपी ने अपनी दादी के साथ सो रहे यशु पर कुल्हाड़ी से वार किया था, इसके बाद उसे मुंह में गंभीर चोट आई थी। उसका जबड़ा लहूलुहान हो गया था। तत्काल उसे छिंदवाड़ा के विवांता अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉ. सुष्मित ने इस मासूम का प्राथमिक उपचार किया। उन्होंने बताया कि उसकी बाएं ओर के जबड़े में गहरा घाव लगा है, हड्डी टूट गई है। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उसे उपचार देने के बाद नागपुर एम्स हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। एसडीएम सुधीर जैन ने बताया कि उन्होंने मासूम बच्चे का ट्रीटमेंट करने के बाद नागपुर के एम्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया, उसकी स्थिति पहले से बेहतर है।
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सर्जरी की चल रही तैयारी, मासूम नहीं खा पा रहा खाना
नागपुर में मासूम बच्चों के साथ उसके मामा नामी उइके हैं, जो उसकी देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उसके दांत की सफाई की गई है और छोटे-मोटे टांके लगाए गए हैं। उसकी सर्जरी होना बाकी है। ऐसे में मासूम बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। फिलहाल उसकी हालत सही है, लेकिन उसे खाना खाते नहीं बन रहा है। अब सर्जरी के बाद ही स्थिति में सुधार आएगा।
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सिर्फ 10 साल के मासूम की बची जान, चल रहा उपचार
गौरतलब हो कि बोदल कछार में सनकी युवक ने खूनी खेल खेलते हुए अपने ही घर के आठ लोगों को मौत की नींद सुला दिया था, वहीं उसका अगला निशाना पड़ोस में रहने वाले उसके ताऊ का परिवार था। जैसे ही वह है इस परिवार के आंगन में कुल्हाड़ी लेकर दाखिल हुआ तो उसे सबसे पहले 10 साल का मासूम यशु दिखाई दिया जो अपनी दादी के साथ सो रहा था। इस दरिंदे ने उस पर कुल्हाड़ी से वार करना चाहा तो उसका निशाना चूक गया। कुल्हाड़ी उसके जबड़े में लगी। बच्चे की चीखें सुनकर उसके पास में सोई उसकी दादी उठ गई और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद दरिंदा मौके से भाग गया। कुल्हाड़ी के वार से बच्चे का जबड़ा टूट गया।
