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Chhindwara: कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत, पहले झाड़ फूंक में लगा रहा परिवार, फिर डॉक्टर भी नहीं बचा पाए
Sat, 15 Jun 2024 11:16 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 15 Jun 2024 11:16 AM IST
सार
Chhindwara News: मृतक बच्चे के परिजनों ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद उन्होंने शुरू में झाड़ फूंक कराया, जब इससे आराम नही मिला तो उसे डॉक्टर के पास ले गए। करीब तीन महीने के बाद बेटे की मौत हो गई।
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सात साल के मासूम की माैत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के डूंगरिया में आवारा कुत्ते के काटने के बाद मासूम बच्चे की मौत हो गई। कुत्ते के बच्चे के काटने के बाद परिजनों को लापरवाही बरती, जिसका खामियाजा उन्हें मासूम का खोकर चुकाना पड़ा। परिजन बच्चे का इलाज कराने की जगह झाड़ फूंक कराते रहे है। इससे पॉइजन उसके शरीर में फैल गया और मासूम की मौत हो गई।
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तीन महीने बाद मौत
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत डुंगरिया के खेड़ापति माता मंदिर के समीप नंबर चार निवासी प्रभुप्रसाद बिंझाड़े के सात साल के बेटे दुर्गाप्रसाद को तीन महीने पहले खेलते समय आवारा कुत्ते ने काट दिया था। उन्होंने उसका उपचार पहले स्थानीय अस्पताल, जिला अस्पताल और फिर नागपुर तक कराया, लेकिन उसे नहीं बचाया जा सका। बीते दिनों बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना ही उसे कफन-दफन कर दिया। अब मामला जानकारी में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है।
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शुरू में कराई झाड़ फूंक, नहीं मिला अराम
मृतक बच्चे के परिजनों ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद उन्होंने शुरू में झाड़ फूंक कराया। जब इससे आराम नही मिला तो उसे डॉक्टर के पास ले गए। करीब तीन महीने के बाद बेटे की मौत हो गई। ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर समय रहते परिजन बच्चे को रेबीज के इंजेक्शन लगवा देता तो शायद उसकी जान बच जाती। उचित उपचार नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई।
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