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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Chhindwara:Doctor Shortage in Parasia Blamed for Child’s Death, Allegedly Due to Lack of Treatment,Team Probes

छिंदवाड़ा: परासिया में डॉक्टरों की कमी ने ली मासूम की जान, इलाज के अभाव में मौत, जांच के लिए गांव पहुंची टीम

Mon, 21 Sep 2026 11:24 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Mon, 21 Sep 2026 11:24 PM IST
सार

परासिया में 8 साल के बच्चे की मौत ने क्षेत्र में बच्चों के इलाज की व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक साल से बाल रोग विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे क्षेत्र में बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए टीम भेजी है।

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Chhindwara:Doctor Shortage in Parasia Blamed for Child’s Death, Allegedly Due to Lack of Treatment,Team Probes
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोल्ड्रिफ कांड के बाद परासिया में एक बार फिर बच्चों के इलाज के लिए बाल विशेषज्ञों की कमी को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। शिवपुरी के मिट्टी टोला निवासी मजदूर हरिद्वार उईके के 8 वर्षीय बेटे वेदांत की मौत ने इस कमी को और गहरा दिया है। परिवार के दो बच्चे बीमार थे। पहले दोनों का गांव में ही निजी स्तर पर इलाज कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें परासिया अस्पताल लाया गया लेकिन छिंदवाड़ा ले जाते समय वेदांत की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई अयांश अस्पताल में भर्ती है।

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बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भेजी टीम
बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को गांव में टीम भेजी। बीएमओ डॉ. अंकित सहलाम के निर्देश पर डॉ. कय्यूम के नेतृत्व में पहुंची टीम ने परिवार से घटना की जानकारी ली और घर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। पानी समेत अन्य सैंपल भी लिए गए। जमा पानी में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा की भी तलाश की गई। टीम शाम करीब 4 बजे वापस लौट गई। फिलहाल बच्चे की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
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तीन बाल रोग विशेषज्ञ जेल में
कोल्ड्रिफ मामले के बाद से परासिया में बच्चों का इलाज करने वाले डॉ. प्रवीण सोनी, डॉ. एसएस ठाकुर और डॉ. अमन सिद्दीकी जेल में हैं और तभी से क्षेत्र में नियमित बाल रोग विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में बच्चों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।
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छिंदवाड़ा से डॉक्टर बुलाने की व्यवस्था भी नहीं चली
बाल रोग विशेषज्ञ की मांग को लेकर पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र और ज्ञापन दिए थे। विधायक सोहन बाल्मिक ने भी अस्पताल के सामने अनशन किया था। इसके बाद छिंदवाड़ा के तीन डॉक्टरों की अलग-अलग दिन ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की गई थी।


स्थानीय लोगों का दावा है कि डॉक्टर नियमित रूप से परासिया नहीं पहुंचे। वहीं डब्ल्यूसीएल की ओर से सप्ताह में तीन दिन बच्चों का इलाज कराने की प्रस्तावित व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी।

जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
बहरहाल स्वास्थ्य विभाग ने वेदांत के शव का पोस्टमार्टम कराया है। जांच के लिए पानी और अन्य सैंपल भी लिए गए हैं। फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि बच्चे की मौत किस बीमारी या कारण से हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि इस घटना के बाद परासिया में बच्चों के लिए स्थायी बाल रोग विशेषज्ञ और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की जरूरत को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

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