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MP News: ग्रहण काल में बंद रहेंगे जटाशंकर धाम के कपाट, श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने पर नहीं रहेगी रोक
Tue, 25 Oct 2022 11:09 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 25 Oct 2022 11:09 AM IST
सार
25 अक्टूबर मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है, जिसके चलते जटाशंकर धाम में सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक आरती होगी। इसके बाद 4:30 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। सूतक काल और सूर्य ग्रहण पश्चात मंदिर के कपाट शाम 6:45 बजे खोले जाएंगे।
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जटाशंकर धाम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छतरपुर जिले के बिजावर स्थित बुंदेलखंड के केदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में दीपावली पर्व के अगले दिन मंगलवार 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण और सूतक काल में मुख्य मंदिर में प्रवेश बंद रहेगा। 25 अक्टूबर मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। इस दौरान मंदिर में पूजा अर्चना और प्रवेश बंद रहने की धर्म सम्मत परंपरा है। धर्म शास्त्रों के विद्वानों द्वारा बताई गई धार्मिक मान्यताओं के अनुपालन के चलते 25 अक्टूबर मंगलवार को सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक आरती होगी। इसके बाद 4:30 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। सूतक काल और सूर्य ग्रहण पश्चात मंदिर के कपाट शाम 6:45 बजे खोले जाएंगे।
न्यास अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस दौरान तीनों शिव कुंडों में स्नान करना बंद रहेगा। हालांकि श्रद्धालुओं के मंदिर के बाहर तक पहुंचने पर रोक नहीं रहेगी। इस दौरान लोग बाहर से दर्शन कर सकेंगे।
रात में जारी रहेंगे दर्शन
न्यास अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि जटाशंकर धाम में प्रत्येक अमावस्या पर्व के पहले चौदस पर्व पर शयन आरती पश्चात मंदिर के कपाट अमावस्या की पूरी रात दर्शनार्थियों के लिए खुले रहते हैं। इसके चलते इस बार 24 अक्टूबर को शयन आरती पश्चात मंदिर के कपाट रात को भी खुले रहेंगे, और 25 तारीख को सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक मंगला आरती होगी। इसके बाद सूतक काल आरंभ होने के चलते सुबह 4:30 बजे मंदिर में प्रवेश बंद हो जाएगा।
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न्यास अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस दौरान तीनों शिव कुंडों में स्नान करना बंद रहेगा। हालांकि श्रद्धालुओं के मंदिर के बाहर तक पहुंचने पर रोक नहीं रहेगी। इस दौरान लोग बाहर से दर्शन कर सकेंगे।
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रात में जारी रहेंगे दर्शन
न्यास अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि जटाशंकर धाम में प्रत्येक अमावस्या पर्व के पहले चौदस पर्व पर शयन आरती पश्चात मंदिर के कपाट अमावस्या की पूरी रात दर्शनार्थियों के लिए खुले रहते हैं। इसके चलते इस बार 24 अक्टूबर को शयन आरती पश्चात मंदिर के कपाट रात को भी खुले रहेंगे, और 25 तारीख को सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक मंगला आरती होगी। इसके बाद सूतक काल आरंभ होने के चलते सुबह 4:30 बजे मंदिर में प्रवेश बंद हो जाएगा।
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