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MP News: पुलिस ने चोरी के आरोप में युवक को पकड़ा, दो दिन बाद छोड़ा, पुलिस प्रताड़ना से तंग उसने लगा ली फांसी
Sat, 05 Nov 2022 06:53 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 05 Nov 2022 06:53 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के छतरपुर में पुलिस ने एक युवक को चोरी के आरोप में पकड़ा था। दो दिन बाद उसे छोड़ दिया था। गिरफ्तारी से परेशान युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी।
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छतरपुर में फांसी लगाने वाले युवक के परिजनों ने लाश को नीचे उतारने नहीं दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा में पुलिस की मारपीट से क्षुब्ध एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक को चोरी के संदेह में पकड़ा था। सख्ती से पूछताछ की गई थी और उसे पीटा भी था।
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धरमदास पिता गोकल लोधी (35) निवासी ग्राम भगुइनखेरा थाना भगवां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी रंजना लोधी का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट की थी, जिससे युवक क्षुब्ध था और इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया है। घटना की खबर लगने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई लेकिन आक्रोशित परिजनों ने शव को फंदे से उतारने नहीं दिया। घटना के बाद गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
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यह है पूरा मामला..
छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा अनुविभाग के थाना भगवां अंतर्गत चौकी घुवारा के बंधा चमोली ग्राम पंचायत अधीन मजरा भगुइयन खेरा में एक नवम्बर को रतन लोधी के घर चोरी हुई। पुलिस ने शक के आधार पर गांव के 40 वर्षीय धरमदास लोधी उम्र को हिरासत में लिया और थाने में रखा। परिजनों का आरोप है कि दो दिन पुलिस ने धरमदास को बेरहमी से पीटा। लेन-देन के बाद उसे छोड़ा। फिर कहीं जाकर चार नवम्बर की दोपहर उसे छोड़ा गया।
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घर में लगाई फांसी
पुलिस की निर्ममता से चोटिल धरमदास ने शुक्रवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। गांव वालो के अनुसार धरमदास गरीब किसान था। जब चोरी के आरोप में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, तब गांव वालों ने भी विरोध किया था। पुलिस किसी की नहीं सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फांसी के फंदे पर झूल रहे हैं। धरमदास के शरीर पर चोटों के निशान हैं जो बर्बरता की कहानी खुद कह रहे हैं।
पुलिस ने आरोपों से इनकार किया
पुलिस अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यह घटना तीन नवंबर की है। मृतक संदेही चौकी आया था। फरियादी के साथ आया था। पुलिस ने पूछताछ की थी। फरियादी के साथ ही वह वापस चला गया था। उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। इसकी जांच की जा रही है। पैनल से इसका पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। परिजनों के आरोप निराधार है।
