{"_id":"6323edc721d0ff746e2d03ce","slug":"devastation-due-to-heavy-rains-in-chhatarpur-water-being-released-from-lahchura-and-sujara-dams","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhatarpur: प्रदेश में भारी बारिश से तबाही, लहचूरा और सुजारा बांध से छोड़ा जा रहा पानी, उफान पर धसान नदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhatarpur: प्रदेश में भारी बारिश से तबाही, लहचूरा और सुजारा बांध से छोड़ा जा रहा पानी, उफान पर धसान नदी
Fri, 16 Sep 2022 09:39 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 16 Sep 2022 09:39 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते नदी नाले उफान पर चल रहे हैं। लहचूरा और सुजारा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
सुजारा बांध से पानी छोड़ने से धसान नदी में बढ़ा पानी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं। धसान नदी का जलस्तर बढ़ने से टीकमगढ़ जिले में स्थित सुजारा बांध के चार गेट गुरुवार सुबह 8 बजे खोल कर 20,000 क्यूसेक पानी डिचार्ज किया गया, जिससे धसान नदी का जल बढ़ गया है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर लहचूरा बांध के सात गेट तीन फीट ऊंचाई के खोल कर 32800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बांधों से पानी छोड़ने के चलते नदी के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। लहचूरा बांध के बीच धसान नदी के किनारे स्थित गांवों में भी प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया हैं।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के लहचूरा बांध पर पदस्थ कर्मचारी ने जानकारी देते हुए बताया कि लहचूरा बांध के सात गेट खोलकर पानी धसान नदी में छोड़ा जा रहा हैं। साथ ही 2000 क्यूसेक पानी अर्जुन फीडर नहर में छोड़कर बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जा रहा है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के लहचूरा बांध पर पदस्थ कर्मचारी ने जानकारी देते हुए बताया कि लहचूरा बांध के सात गेट खोलकर पानी धसान नदी में छोड़ा जा रहा हैं। साथ ही 2000 क्यूसेक पानी अर्जुन फीडर नहर में छोड़कर बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जा रहा है।
विज्ञापन
