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Chhatarpur News: दो साल से लापता शिक्षक, फिर भी जारी हो रहा वेतन, खड़ेहा में शासकीय माध्यमिक शाला का मामला
Fri, 22 Aug 2025 02:31 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 22 Aug 2025 02:31 PM IST
सार
स्कूल अब केवल एक शिक्षक और अतिथि शिक्षक के भरोसे चल रहा है। साफ-सफाई और प्रशासनिक कामकाज भी बाधित हैं। इसके अलावा विद्यालय चारों तरफ से पानी से घिरा होने के कारण बच्चों को खतरे का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल शिक्षक भेजने और व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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खड़ेहा शासकीय माध्यमिक शाला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरवई संकुल के अंतर्गत आने वाली शासकीय माध्यमिक शाला खड़ेहा के बच्चों का भविष्य इन दिनों संकट में है। यहां की माध्यमिक शाला में चपरासी सहित चार लोग पदस्थ किए गए थे, जिनमें से चापरासी सहित प्रभारी शिक्षक को सरवई के हायर सेकेंडरी स्कूल भेज दिया गया, जबकि इसके लिए विभाग का कोई आदेश नहीं था। अब शाला एक शिक्षकीय होने से बच्चों का भविष्य संकट में है।
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माध्यमिक शाला खड़ेहा के उच्च श्रेणी शिक्षक सुरेश कुमार द्विवेदी 18 दिसंबर 2023 को अपनी उपस्थिति देकर 2 वर्ष से शाला से लापता हैं। इसके अलावा शाला में पदस्थ चारासी सियाराम केवट भी संकुल कार्यालय सरवई में अपनी सेवाएं दे रहा है, जिसकी वजह से स्कूल में साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरीके से चरमरा गई हैं।
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संकुल प्राचार्य से शिक्षकों द्वारा कई बार व्यवस्था बनाए जाने की बात कही जाने पर प्राथमिक शिक्षक जितेंद्र कुमार को भेजा गया, जबकि उनकी पोस्टिंग शासन की प्राथमिक शाला देवेंद्र नगर जन शिक्षा केंद्र मह्याबा में है। यहां पर एक बात और गौर करने लायक है कि सुरेश कुमार द्विवेदी शाला में अनुपस्थित रहने के बावजूद उनका वेतन बराबर शासकीय माध्यमिक शाला खड़ेहा से ही निकल जा रहा है।
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स्कूल अतिथि शिक्षक के भरोसे
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिरकार सुरेश कुमार द्विवेदी पर किसका हाथ हैं, जो पदस्थ संस्था में सेवाएं न देकर सरकार से बराबर तनख्वाह ले रहे हैं और उन पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां पदस्थ शिक्षकों की समस्या यह है कि अगर किसी शासकीय क्रियाकलाप के लिए शाला से बाहर जाना पड़ता है ऐसी स्थिति में स्कूल में मात्र अतिथि शिक्षक के भरोसे पूरे छात्रों को छोड़ दिया जाता है। मात्र एक शिक्षक होने की वजह से शान द्वारा चाही गई जानकारियां भी समय पर उपलब्ध कराने में शिक्षकों को परेशानी होती है।
स्कूल भवन चारों तरफ से पानी से घिरा
खड़ेहा के माध्यमिक विद्यालय की भौगोलिक स्थिति भी काफी बदतर है। विद्यालय के चारों तरफ तालाब है और मुख्य मार्ग में भी पानी भरा होने की वजह से बच्चों को इसी पानी से गुजर कर जाना पड़ता है। ऐसे में देखरेख के अभाव में बच्चों के साथ भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। गांव के लोगों ने भी शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि शाला में पदस्थ शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से विद्यालय में भेजा जाए और जिन शिक्षकों की कमी है उनकी भी पूर्ति जल्द कराई जाए, जिससे कि विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकें और बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
इनका कहना है
शिक्षक सुरेश कुमार द्विवेदी को पूर्व जिला शिक्षाधिकारी श्री कौटार्य के कहने पर सरवई में अटैच किया गया था। मैं व्यवस्था सुधारने हेतु जल्द ही कार्रवाई करता हूं।
