{"_id":"62c9ad54b4d0353f53128551","slug":"chhatarpur-jail-battling-water-crisis-thirst-quenched-by-tankers","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhatarpur: जलसंकट से जूझ रहा जेल, टैंकरों से बुझ रही प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhatarpur: जलसंकट से जूझ रहा जेल, टैंकरों से बुझ रही प्यास
Sat, 09 Jul 2022 10:01 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 09 Jul 2022 10:01 PM IST
सार
जेल सुप्रीटेंडेंट केके कुलश्रेष्ठ और जेलर आरएस पांडे बताते हैं कि इससे पूर्व भी उन्होंने जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से स्थाई समस्या के निदान का पत्राचार सहित आग्रह किया परंतु अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
विज्ञापन
कैदियों के लिए जेल प्रशासन नगर पालिका से लगभग 8 से 10 टैंकर प्रतिदिन सप्लाई करवा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छतरपुर जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल प्रशासन जल संकट से जूझ रहा है। यह विकराल समस्या कई वर्षों से सामने आ रही है। कैदियों के लिए जेल प्रशासन नगर पालिका से लगभग 8 से 10 टैंकर प्रतिदिन सप्लाई करवा रहा है।
जिला जेल प्रशासन के अनुसार जेल परिसर में पेयजल स्रोत के लिए कुआं सहित कई बोर हैं। बावजूद गर्मियों में जल स्तर कम हो जाने के चलते सूखे की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिसके कारण पेयजल एवं अन्य विस्तार के लिए पर्याप्त मात्रा में जल नहीं उपलब्ध हो पाता। जेल सुप्रीटेंडेंट केके कुलश्रेष्ठ और जेलर आरएस पांडे बताते हैं कि इससे पूर्व भी उन्होंने जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से स्थाई समस्या के निदान का पत्राचार सहित आग्रह किया परंतु अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हालांकि टैंकरों की सप्लाई नगर पालिका द्वारा ही की जाती है। पर यह स्थाई समाधान नहीं है। जिसके चलते रोजाना सुबह-शाम इस कार्य में जेल स्टाफ और कैदियों को लिप्त रहना पड़ता है।
अधिकारियों ने बताया कि 240 क्षमता वाली जेल में तकरीबन 425-430 कैदी सजा काट रहे हैं, जिनके निस्तार और पेयजल के लिए लगभग 8 से 10 टैंकर पानी की प्रतिदिन आवश्यकता होती है। साथ ही जेल प्रशासन का स्टाफ और रहवासी कॉलोनी भी स्थित है जहां पर निस्तार के अलावा पेयजल उपलब्ध कराना भी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस लिहाज से नगर पालिका का सहयोग काफी सराहनीय है परंतु जेल नगर पालिका से नल-जल कनेक्शन से अभी तक वंचित है जरूरत है तो स्थाई जल समस्या समाधान की जिससके कि जल समस्या का स्थाई समाधान हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला जेल प्रशासन के अनुसार जेल परिसर में पेयजल स्रोत के लिए कुआं सहित कई बोर हैं। बावजूद गर्मियों में जल स्तर कम हो जाने के चलते सूखे की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिसके कारण पेयजल एवं अन्य विस्तार के लिए पर्याप्त मात्रा में जल नहीं उपलब्ध हो पाता। जेल सुप्रीटेंडेंट केके कुलश्रेष्ठ और जेलर आरएस पांडे बताते हैं कि इससे पूर्व भी उन्होंने जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से स्थाई समस्या के निदान का पत्राचार सहित आग्रह किया परंतु अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हालांकि टैंकरों की सप्लाई नगर पालिका द्वारा ही की जाती है। पर यह स्थाई समाधान नहीं है। जिसके चलते रोजाना सुबह-शाम इस कार्य में जेल स्टाफ और कैदियों को लिप्त रहना पड़ता है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि 240 क्षमता वाली जेल में तकरीबन 425-430 कैदी सजा काट रहे हैं, जिनके निस्तार और पेयजल के लिए लगभग 8 से 10 टैंकर पानी की प्रतिदिन आवश्यकता होती है। साथ ही जेल प्रशासन का स्टाफ और रहवासी कॉलोनी भी स्थित है जहां पर निस्तार के अलावा पेयजल उपलब्ध कराना भी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस लिहाज से नगर पालिका का सहयोग काफी सराहनीय है परंतु जेल नगर पालिका से नल-जल कनेक्शन से अभी तक वंचित है जरूरत है तो स्थाई जल समस्या समाधान की जिससके कि जल समस्या का स्थाई समाधान हो सके।
विज्ञापन
