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MP News: रिहायशी इलाके में 10 फीट के अजगर से हड़कंप, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
Fri, 04 Nov 2022 02:57 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 04 Nov 2022 02:57 PM IST
सार
महोबा के रिहायशी इलाके में गुरुवार को 10 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। अजगर ने बिल्ली का शिकार किया था, जिसके बाद वह चल नहीं पा रहा था।
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10 फीट का अजगर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छतरपुर जिले की महोबा रोड पर रिहायशी इलाके में गुरुवार को 10 फीट लंबा अजगर निकलने से हड़कंप मच गया। सूचना के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर अजगर का रेस्क्यू किया और फिर उसे जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार वन विभाग को टौरिया मोहल्ला ह्युंडई शोरूम के सामने विशालकाय अजगर होने की सूचना मिली थी। वनमण्डल अधिकारी वेणी प्रसाद दौतानिया के निर्देशन में वन परिक्षेत्राधिकारी छतरपुर विनोद अवस्थी ने वन स्टाफ के साथ अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। अजगर ने बिल्ली का शिकार किया गया था, जिससे वह चलने में असमर्थ था। रेस्क्यू के दौरान जब अजगर को नापा गया को उसकी लंबाई 10 फीट पाई गई। वन विभाग के रेस्क्यू अमले ने अजगर को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा दिया।
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जान जोखिम में डाल रहे वनकर्मी
शहर या जंगली इलाके में जब कभी वन्य प्राणी की जान बचाने या फिर जनहानि होने से बचाव के लिए वन्य प्राणी का रेक्स्यू किया जाता है तो वनकर्मियों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है क्योंकि वनकर्मियों को रेस्क्यू के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया है और न ही पर्याप्त साधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराएं जा रहे हैं। बड़े जंगली जानवरों का रेक्स्यू पन्ना टाईगर रिजर्व की टीम करती है फिर भी स्थानीयकर्मी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। हाल ही में लुगासी के पास तेंदुआ का रेक्स्यू करते समय तेंदुआ के हमले में राजेंद्र सक्सेना वनपाल, संतोष कोंदर घायल हो गए, तब वनरक्षक पवन शर्मा ने अपनी जान पर खेलकर डंडे से हमला कर बचाव करते हुए घायल वनकर्मियों और स्वयं की जान बचाई थी।
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जानकारी के अनुसार वन विभाग को टौरिया मोहल्ला ह्युंडई शोरूम के सामने विशालकाय अजगर होने की सूचना मिली थी। वनमण्डल अधिकारी वेणी प्रसाद दौतानिया के निर्देशन में वन परिक्षेत्राधिकारी छतरपुर विनोद अवस्थी ने वन स्टाफ के साथ अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। अजगर ने बिल्ली का शिकार किया गया था, जिससे वह चलने में असमर्थ था। रेस्क्यू के दौरान जब अजगर को नापा गया को उसकी लंबाई 10 फीट पाई गई। वन विभाग के रेस्क्यू अमले ने अजगर को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा दिया।
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जान जोखिम में डाल रहे वनकर्मी
शहर या जंगली इलाके में जब कभी वन्य प्राणी की जान बचाने या फिर जनहानि होने से बचाव के लिए वन्य प्राणी का रेक्स्यू किया जाता है तो वनकर्मियों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है क्योंकि वनकर्मियों को रेस्क्यू के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया है और न ही पर्याप्त साधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराएं जा रहे हैं। बड़े जंगली जानवरों का रेक्स्यू पन्ना टाईगर रिजर्व की टीम करती है फिर भी स्थानीयकर्मी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। हाल ही में लुगासी के पास तेंदुआ का रेक्स्यू करते समय तेंदुआ के हमले में राजेंद्र सक्सेना वनपाल, संतोष कोंदर घायल हो गए, तब वनरक्षक पवन शर्मा ने अपनी जान पर खेलकर डंडे से हमला कर बचाव करते हुए घायल वनकर्मियों और स्वयं की जान बचाई थी।
