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जब मोबाइल का रूप धर कर आ गए भगवान!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 11 Feb 2014 12:15 PM IST
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कहा जाता है कि जब जब मनुष्य संकट में होता है तो भगवान किसी ना किसी रूप में उसकी मदद के लिए आते हैं। लेकिन एमपी के बेनीराम मानते हैं कि उनकी मदद के लिए भगवान ने मोबाइल का रूप धर लिया।
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वो पेड़ पर थे और मौत नीचे खड़ी गुर्रा रही थी लेकिन जेब में रखे फोन में उनकी जान बचा ली। इस घटना के बाद वे अपने फोन को भगवान ही मानते हैं।
मामला एमपी के बालाघाट जिले का है जहां बैहर गांव के रगने वाले करीब 50 साल के बेनीराम पिछले बुधवार को अपने बैल की तलाश कर रहे थे, अचानक एक बाघिन से उनका सामना हो गया।
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वे डर कर एक पेड़ पर चढ़ गए लेकिन तीन घंटे तक बाघिन पेड़ के नीचे खड़ी रही। अचानक उनके दिमाग में एक विचार कौंधा, उन्होंने गांव फोन किया और अपने हालात के बारे में बताया।
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गांव वाले वहां आए और तब जाकर बेनी राम की जान बच सकी। इस घटना के बाद से बेनी राम अपने मोबाइल को भगवान का ही रूप मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं।
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आपको बता दें कि यहां से करीब 10 किलोमीटर दूर ही कान्हा नेश्नल पार्क है जहां से अक्सर बाघ शिकार की तलाश में निकल आते हैं।
बेनीराम बताते हैं कि," भागने के लिए वक्त नहीं था, मैं पीपल के पेड़ पर चढ़ गया। बाघिन ने भी पेड़ पर चढ़ने की कोशिश की लेकिन अपने शावकों के कारण वो चढ़ नहीं पाई।"
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"सूरज डूबने को था और इस ड्रामे को चलते चलते दो घंटे बीत रहे थे। मैं जनता था कि अब ज्यादा देर पेड़ पर रहना संभव नहीं है। या तो मैं गिर पड़ता अन्यथा वो पड़ पर चढ़ने में सफल हो जाती।"
इसके बाद उनको जेब में रखे फोन का ख्याल आया और उन्होंने गांव में फोन किया। गांव वाले ड्रम, लाठी और टॉर्च लेकर वहां पहुंच गए। बाघिन भाग गई और तब जाकर बची बेनीराम की जान।
