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14 साल की अंजलि ने तीन लोगों को दी जिंदगी, सबसे कम उम्र की बनी डोनर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Mon, 13 Aug 2018 03:59 PM IST
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Anjali Talreja
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सड़क हादसे का शिकार हुई 14 साल की अंजलि तलरेजा मरकर भी अमर हो गई है। उसने अंगदान की एक नई मिसाल पेश की है। डॉक्टरों ने अंजलि को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। जिसके बाद उसके माता-पिता ने दुख की इस घड़ी में साहसिक फैसला लेते हुए उसके अंगों को दान करने का फैसला लिया। उन्होंने अंजलि का लीवर और दोनों किडनियां दान करने की इच्छा जताई। इसके बाद रविवार को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और तीन मरीजों को अंग प्रत्यरोपित कर दिए गए।
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बता दें कि इंदौर 34वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बना था। अंजलि के मामले को दूसरा ऐसा मामला माना जा रहा है जब कम उम्र के किसी शख्स ने अंगदान किए हैं। उसकी किडनियां और लीवर को इंदौर के ही अस्पतालों में दो मरीजों को लगाई गई है। अंजलि पिता संतोष तलरेजा के साथ हरदा में सड़क हादसे में घायल हो गई थी। जब परिजन उसे इंदौर के शैल्बी अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेथ घोषित कर दिया था।
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परिजनों द्वारा अंगदान करने की इच्छा जताने के बाद शैल्बी अस्पताल से दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पहला लिवर के लिए सीएचएल अस्पताल तक और दूसरा किडनी के लिए चोइथराम अस्पताल तक। वहीं एक किडनी को शैल्बी के अस्पताल में ही प्रत्यारोपित किया गया। अंजलि के माता-पिता उसका दिल भी दान करना चाहते थे लेकिन वह प्रत्यर्पण के लिए अनुपयुक्त था। इसी वजह से उसे नहीं लिया जा सका। इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सहयोग से अक्टूबर 2015 से अंगदान का अभियान शुरू हुआ था।
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