फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Sealing drive to resume in Bhopal: Seals to be applied only after notice; find out who gets relief and who fac

भोपाल में फिर शुरू होगी सीलिंग की कार्रवाई: पहले नोटिस फिर लगेगी सील,जाने किसे मिलेगी राहत, किस पर गिरेगी गाज

Sat, 03 Oct 2026 04:48 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 03 Oct 2026 04:48 PM IST
सार

भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे कमर्शियल प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई दोबारा शुरू होने की तैयारी है। पहले नोटिस देकर प्रॉपर्टी की पात्रता जांची जाएगी। मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट की शर्तें पूरी करने वाली पुरानी दुकानों को नियमितीकरण का मौका मिल सकता है।

विज्ञापन
Sealing drive to resume in Bhopal: Seals to be applied only after notice; find out who gets relief and who fac
सीलिंग कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के रिहायशी इलाकों में दुकानें, शोरूम और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने वालों के लिए नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई फिर चिंता बढ़ा सकती है। करीब एक महीने से रुकी कार्रवाई को दोबारा शुरू करने के लिए निगम नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इस बार सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि किस प्रतिष्ठान पर सीलिंग की कार्रवाई होगी और किसे नियमों के तहत कारोबार जारी रखने का मौका मिल सकता है। निगम के अधिकारी मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में प्रस्तावित प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखकर आगे की प्रक्रिया तय करेंगे। फिलहाल कार्रवाई शुरू करने की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर भुवन गुप्ता के मुताबिक, नए ड्राफ्ट मास्टर प्लान के प्रावधानों के आधार पर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
विज्ञापन


किस दुकान को मिल सकता है फायदा?
मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में विकसित रिहायशी इलाकों में पहले से चल रही कुछ गैर-रिहायशी गतिविधियों को निर्धारित शर्तों और शुल्क के साथ नियमित करने का प्रस्ताव है। ऐसे प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की संभावना हो सकती है, जो ड्राफ्ट जारी होने से पहले से संचालित थे और नियमितीकरण की पात्रता पूरी करते हैं। इसके लिए प्रॉपर्टी के पुराने इस्तेमाल, गैर-रिहायशी दरों पर जमा प्रॉपर्टी टैक्स और गैर-रिहायशी इस्तेमाल के बिजली कनेक्शन जैसे रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं। हालांकि, केवल पुरानी दुकान होने से नियमितीकरण का अधिकार नहीं मिल जाएगा। संबंधित प्रतिष्ठान को सड़क की चौड़ाई, पार्किंग और अन्य लागू नियमों की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
विज्ञापन


इन दुकानों और निर्माणों पर हो सकती है कार्रवाई
ड्राफ्ट में कुछ श्रेणियों को नियमितीकरण के दायरे से बाहर रखा गया है। इनमें बिना मंजूरी के बने निर्माण, अनधिकृत कॉलोनियां और ऐसी प्रॉपर्टी शामिल हैं, जहां सामने की खुली जगह या पार्किंग पर कब्जा किया गया है। ग्रीन एरिया, जलाशय, वन क्षेत्र और प्रस्तावित सड़क की जमीन पर भी नियमितीकरण की राहत लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित नियमों और न्यायालय के आदेशों के मुताबिक कार्रवाई की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, किस प्रतिष्ठान को सील किया जाएगा, इसका अंतिम निर्धारण निगम की जांच और लागू नियमों के आधार पर ही होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सड़क की चौड़ाई तय करेगी कारोबार का दायरा
ड्राफ्ट में रिहायशी इलाके में चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियों को सड़क की चौड़ाई से भी जोड़ा गया है। 12 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर मुख्य रूप से सीमित रिहायशी और प्रोफेशनल गतिविधियों का प्रावधान है। सड़क की चौड़ाई बढ़ने पर बैंक, मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट और शोरूम जैसी गतिविधियों की अनुमति का दायरा बढ़ सकता है। इसके अलावा गैर-रिहायशी इस्तेमाल सामान्य तौर पर स्वीकृत एफएआर के 50 प्रतिशत तक सीमित रखने का प्रस्ताव है। इसलिए एक ही इलाके में चल रहे दो प्रतिष्ठानों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

फीस देकर नियमित कराने का भी प्रस्ताव
पात्र प्रॉपर्टी मालिकों को कमर्शियल और रिहायशी कलेक्टर गाइडलाइन दरों के अंतर का 20 प्रतिशत उपयोग परिवर्तन शुल्क के रूप में देना होगा। इसके अलावा लागू इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क, पार्किंग मुआवजा और कानूनी शुल्क भी देने पड़ सकते हैं। ड्राफ्ट में अंतिम विकास योजना अधिसूचित होने के बाद पात्र मामलों में नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक साल का समय देने का प्रस्ताव है। यह व्यवस्था अभी ड्राफ्ट का हिस्सा है, इसलिए इसे सभी दुकानों के लिए तत्काल मिली छूट नहीं माना जा सकता।


यह भी पढ़ें-अक्टूबर की शुरुआत में मौसम ने बदली चाल: रातें ठंडी, दिन में तपन,एमपी के पांच शहरों में पारा 18 डिग्री के आसपास


एक महीने से थमी कार्रवाई, अब नई रणनीति
मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी होने के बाद कई व्यापारियों में यह भ्रम था कि रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब सीलिंग नहीं होगी। इसी बीच निगम की कार्रवाई भी करीब एक महीने से रुकी हुई है। अब निगम नए सिरे से कार्ययोजना तैयार कर रहा है। आगे की प्रक्रिया में प्रतिष्ठानों की स्थिति की जांच, नोटिस और नियमों के उल्लंघन वाले मामलों में सीलिंग जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कार्रवाई की शुरुआत की तारीख और सबसे पहले किन इलाकों में अभियान चलेगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, नए ड्राफ्ट मास्टर प्लान के नियमों के आधार पर कार्रवाई की योजना बनाई जाएगी। इसके साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed