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भोपाल में आज अधिकारी बनेंगे शिक्षक: 102 सरकारी स्कूलों में अफसर लेंगे क्लास, बच्चों से करेंगे संवाद
Sat, 04 Apr 2026 09:20 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 04 Apr 2026 09:20 AM IST
सार
भोपाल में स्कूल चलें हम अभियान के तहत 102 सरकारी स्कूलों में अधिकारी पहुंचकर छात्रों की क्लास लेंगे और उनसे संवाद करेंगे। इस पहल का उद्देश्य पढ़ाई का माहौल बेहतर करना और सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना है।
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स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में शनिवार को सरकारी स्कूलों में खास पहल देखने को मिलेगी। स्कूल चलें हम अभियान के तहत जिले के 102 स्कूलों में 102 प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर बच्चों की क्लास लेंगे और उनसे सीधा संवाद करेंगे। भोपाल कलेक्टर के निर्देश पर जिले के अलग-अलग सरकारी स्कूलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आदेश के मुताबिक, सभी अधिकारी स्कूल समय के दौरान अपने-अपने आवंटित स्कूल में पहुंचेंगे और विद्यार्थियों से चर्चा करेंगे। इस दौरान वे बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके अनुभव और समस्याएं भी समझेंगे।
नए सत्र के साथ खास शुरुआत
प्रदेशभर में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल में भी पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित हुईं और बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
अभियान का उद्देश्य: बढ़े नामांकन
इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाना है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेगा।
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अभिभावकों का भी होगा सम्मान
पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।
यह भी पढ़ें-एमपी में 4 मौसम सिस्टम सक्रिय, 45 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जगह ओले, 7 अप्रैल तक असर
सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की तैयारी
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं और गुणवत्ता दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए सत्र की शुरुआत से ही अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों की योजना लागू की जा रही है।
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नए सत्र के साथ खास शुरुआत
प्रदेशभर में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल में भी पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित हुईं और बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
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अभियान का उद्देश्य: बढ़े नामांकन
इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाना है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेगा।
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अभिभावकों का भी होगा सम्मान
पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।
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सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की तैयारी
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं और गुणवत्ता दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए सत्र की शुरुआत से ही अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों की योजना लागू की जा रही है।
