फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   No respite from rain in MP yet: Alert issued for 5 districts today; where will it rain over the next 4 days? N

एमपी में अभी बारिश से राहत नहीं: आज 5 जिलों में अलर्ट, अगले 4 दिन कहां-कहां बरसेंगे बादल?, बढ़ेगी रात की ठंडक

Fri, 16 Oct 2026 07:08 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 16 Oct 2026 07:08 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी अगले चार दिन बारिश की संभावना है। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में अलर्ट है। 17 से 19 अक्टूबर तक अन्य जिलों में भी बारिश हो सकती है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड बढ़ने का अनुमान है। इस साल प्रदेश में सामान्य से करीब 1.5 इंच कम मानसूनी बारिश हुई।

विज्ञापन
No respite from rain in MP yet: Alert issued for 5 districts today; where will it rain over the next 4 days? N
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बादलों की आवाजाही थम नहीं रही है। दिन में धूप और रात में ठंडक के बीच अब अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में बारिश का अलर्ट है। इसके बाद शनिवार से बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है। ग्वालियर-चंबल के साथ उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी मौसम बिगड़ सकता है। मौसम में इस बदलाव की वजह प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश से एक ट्रफ गुजर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश हो सकती है। 18 और 19 अक्टूबर को भी कई इलाकों में इसका असर बना रहने का अनुमान है।
विज्ञापन


मानसून लौट गया, फिर क्यों बरस रहे बादल?
प्रदेश से मानसून तीन अक्टूबर को विदा हो गया था। वहीं, 15 अक्टूबर को देश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी पूरी हो गई। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश हो रही है। गुरुवार को भी नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में कहीं हल्की बारिश हुई तो कहीं बादल और आंधी वाला मौसम रहा। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों तरह के मौसम का असर देखने को मिलता है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में भी यह रुझान सामने आया है। इस बार भी महीने की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के बाद कई जिलों में बारिश हुई है। प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।
विज्ञापन


अमरकंटक में सबसे कम तापमान, भोपाल में भी रात ठंडी
बारिश के बीच प्रदेश में रात का तापमान भी गिर रहा है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। शाजापुर में 17.4, भोपाल में 17.6 और इंदौर व बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में यह 18 डिग्री रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तापमान में बदलाव भी महसूस होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामान्य से 1.5 इंच कम हुई मानसूनी बारिश
इस साल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। जून से सितंबर के बीच कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 1.5 इंच कम बारिश हुई।पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी रही। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण सीजन की शुरुआत में ही कमी बन गई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश से आंकड़ा सुधरा, लेकिन मानसून के बीच में दो बार लंबे अंतराल आने से बारिश की रफ्तार प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी तरह नहीं भर पाई।


यह भी पढ़ें-कांग्रेस में लौटने को 600 नेताओं ने जताई इच्छा: दो सौ से ज्यादा पूर्व विधायक-जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी ने थामा हाथ

25 जिलों में कोटा पूरा, 30 में अब भी कमी
मानसून के पूरे सीजन के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, इंदौर, देवास, हरदा, बैतूल, खंडवा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। इस तरह मानसून के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण असमान रहा। अब मानसून की विदाई के बाद सक्रिय मौसमी प्रणालियों से होने वाली बारिश का दौर जारी है, लेकिन इसका असर मुख्य रूप से अगले कुछ दिनों तक रहने का अनुमान है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed