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बीस साल की नौकरी नहीं बढ़ा मानदेय: चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी 2-4 हजार में कर रहे काम, भोपाल में कल प्रदर्शन

Sun, 27 Sep 2026 01:06 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 27 Sep 2026 01:06 PM IST
सार

पंचायत चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी, पंप चालक और रसोइए समेत अंशकालीन-अस्थाई कर्मचारी दो दिन करेंगे कामबंद हड़ताल; भाजपा कार्यालय के सामने धरना देकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाएंगे।

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No hike in honorarium despite 20 years of service: Watchmen, peons, and sanitation workers are working for ₹2,
कर्मचारियों द्वारा पूर्व में किया गया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्षों से ग्राम पंचायतों, सरकारी स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों में काम कर रहे अंशकालीन और अस्थाई कर्मचारियों ने अब न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। पंचायत चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी, पंप चालक और रसोइए सहित कर्मचारी 28 और 29 सितंबर को भोपाल में धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रदेशभर से कर्मचारी भाजपा कार्यालय के सामने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के समक्ष जुटेंगे। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अस्थाई, अंशकालीन, ग्राम पंचायत कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर होने वाले आंदोलन के दौरान कर्मचारी दो दिन कामबंद हड़ताल भी करेंगे। संगठन का कहना है कि कई कर्मचारी 15 से 20 साल से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भी महज 2 से 4 हजार रुपए तक का मानदेय मिल रहा है।
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कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल
संयुक्त मोर्चे के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों में कर्मचारी सुरक्षा, स्वच्छता और नल-जल व्यवस्था सहित कई जिम्मेदारियां संभालते हैं। वहीं स्कूल शिक्षा और आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों में अंशकालीन एवं अस्थाई भृत्य और रसोइए लंबे समय से काम कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में 2 से 4 हजार रुपए के मानदेय से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। वर्षों की सेवा के बावजूद कर्मचारियों को सस्थाई कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है।
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स्थायीकरण से लेकर न्यूनतम वेतन तक मांग
संयुक्त मोर्चे ने अंशकालीन और अस्थाई कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन के प्रावधानों के अनुरूप समान और सम्मानजनक वेतन देने तथा सेवा नियमावली बनाने की मांग की है। इसके अलावा कर्मचारियों ने सीएल, ईएल, पीएफ, ईएसआई, पेंशन, बीमा और चिकित्सा सुविधा जैसी सामाजिक सुरक्षा की मांग भी उठाई है। संगठन ने बकाया मानदेय अंतर और पात्र एरियर का भुगतान करने तथा उचित प्रक्रिया के बिना कर्मचारियों को हटाने पर रोक लगाने की मांग की है।
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28-29 सितंबर को भोपाल में जुटेंगे कर्मचारी
संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों के अनुसार आंदोलन में ग्राम पंचायत चौकीदार संघ, स्कूल शिक्षा विभाग के अंशकालीन कर्मचारी संघ और आदिम जाति कल्याण विभाग से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे। संगठन ने प्रदेशभर के कर्मचारियों से भोपाल पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। संयुक्त मोर्चे का कहना है कि जब तक स्थायीकरण, न्यूनतम वेतन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने सहित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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