MP Weather Report: क्या है एमपी का पाकिस्तान कनेक्शन, जिसके चलते मध्यप्रदेश में हो रही बारिश
MP Weather Report: मध्यप्रदेश के मौसम में अचानक आए परिवर्तन से जनजीवन पर असर पड़ा है। बारिश के साथ विजिबिलिटी कम रही। आगे आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं।
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विस्तार
ईरान के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पूर्व दिशा में बढ़कर मध्य पाकिस्तान के ऊपर आ गया है, इसका सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। एमपी के कई इलाके में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं तेज व हल्की बारिश दर्ज की गई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर और भोपाल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, वहीं ग्वालियर-चंबल, जबलपुर और सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। शेष संभागों के जिलों में मौसम शुष्क रहा। अधिकतम तापमान की बात करें तो भोपाल, इंदौर संभाग के जिलों में काफी अंतर आया। यहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
उज्जैन संभाग के जिलों में विशेष रूप से तापमान गिरा। इसके अलावा शेष सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। न्यूनतम तापमान भोपाल और जबलपुर संभाग में काफी बढ़े। रीवा, शहडोल संभाग में विशेष रूप से इनमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। शेष सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को भी कुछ इसी तरह का मौसम बना रहेगा। इसके बाद 29 नवंबर से एक नए सिस्टम के सक्रिय होने की भी संभावना है, जिसके बाद बारिश का एक और दौर आएगा। इसके साथ कुछ इलाकों में घना कोहरा छा सकता है, जिसके कारण दृश्यता कम हो सकती है। हालांकि, अभी ठंड बढ़ने की संभावना नहीं है। दो से तीन बाद बादल हटने पर ठंड बढ़ने का अनुमान है।
ये सिस्टम कर रहे काम
मध्य पाकिस्तान पर पश्चिमी विक्षोभ के चलते अरब सागर पर जो ट्रफ था, वह कमजोर हुआ है। हालांकि, वह अभी भी पूर्वोत्तर अरब सागर की तरफ सक्रिय है। न्यू साइक्लोन सरकुलेशन गुजरात की तरफ आ चुका है और फिर दक्षिणी राजस्थान की तरफ बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश के उत्तरी भाग में चक्रवर्ती घेरा है, जो अभी भी सक्रिय है। वहीं, उड़ीसा के आसपास भी एक चक्रवर्ती घेरा बना हुआ है, पूर्वी पश्चिमी हवाओं में टकराव भी जारी है।
दतिया सबसे ठंडा, टीकमगढ़ गरम
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेंटीग्रेड टीकमगढ़ जिले में दर्ज किया गया। जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस दतिया जिले में दर्ज किया गया।
कहां कितनी बारिश दर्ज
- रामा 11 मिलीमीटर
- निवाड़ी 11 मिलीमीटर
- सेंधवा 11 मिलीमीटर
- पानसेमल 10 मिलीमीटर
- राजपुर 10 मिलीमीटर
- चाचरियापति नौ मिलीमीटर
- राणापुर नौ मिलीमीटर
- बड़वानी नौ मिलीमीटर
- खरगोन आठ मिलीमीटर
- झाबुआ आठ मिलीमीटर
- उदयगढ़ आठ मिलीमीटर
- वारला आठ मिलीमीटर
- महेश्वर आठ मिलीमीटर
- कुक्षी सात मिलीमीटर
- काठीवाड़ा सात मिलीमीटर
- पाटी सात मिलीमीटर
- अलीराजपुर सात मिलीमीटर
- भगवानपुरा सात मिलीमीटर
- अंजड सात मिलीमीटर
- झरनिया सात मिलीमीटर
- भीकनगांव सात मिलीमीटर
- सोंडवा सात मिलीमीटर
- गोगांव सात मिलीमीटर
- भाभरा सात मिलीमीटर
- पेटलावद छह मिलीमीटर
- ठीकरी छह मिलीमीटर
- पीतमपुर छह मिलीमीटर
- सैलाना छह मिलीमीटर
- कसरावत छह मिलीमीटर
- जोबट छह मिलीमीटर
- गंधवानी पांच मिलीमीटर
- सरदारपुर पांच मिलीमीटर
- मनावर पांच मिलीमीटर
- बड़नगर पांच मिलीमीटर
- थांदला पांच मिलीमीटर
- इंदौर पांच मिलीमीटर
- धार पांच मिलीमीटर
- नागदा मिलीमीटर
28 को बारिश का अनुमान
नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, डिंडौरी, कटनी मंडल, दमोह और छतरपुर जिले में 28 नवंबर को बारिश हो सकती है।
कुछ स्थानों पर बारिश
विदिशा, रायसेन, सीहोर, भोपाल, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, शाहजहांपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और टीकमगढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, राजगढ़, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, पन्ना और निवाड़ी जिले में भी बारिश हो सकती है।
घना या मध्यम कोहरा के अनुमान
सीहोर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरकला और भोपाल जिले में मध्यम या घना कोहरा पड़ने का अनुमान है।
राजधानी में रात डेढ़ बजे से बारिश
भोपाल में रविवार-सोमवार रात करीब डेढ़ बजे से ही रुक-रुक कर बारिश जारी रही। दिन में भी बादल छाए रहे और धीमी बारिश का दौर जारी रहा। इससे लोगों का काम भी प्रभावित हुआ। भोपाल के अरेरा हिल्स, नबीबाग और बेरसिया जैसे एरिया में ज्यादा अधिक वर्षा देखने को मिली। इसके साथ ही तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। भोपाल में अधिकतम तापमान 24 और मिनिमम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे भी इसी तरह के मौसम बने रहने का अनुमान है।
वहीं, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, मौसम केंद्र भोपाल वेद प्रकाश सिंह ने बताया, सिस्टम कमजोर पड़ने पर
कल से बारिश की गतिविधियां कम होंगी। जो दो दिन बाद फिर से शुरू होंगी। तापमान बहुत ज्यादा गिरने का अनुमान नहीं है। बादल छाए रहने और धूप न निकलने से हल्की ठंडक का एहसास होगा।
