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MP News: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के 9 साल का इंतजार होगा खत्म, सरकार ने प्रमोशन के लिए बनाए तीन फार्मूले
Tue, 18 Mar 2025 05:04 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 18 Mar 2025 05:04 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन करने की तैयारी करने जा रही है। सरकार ने पांच लाख कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए तीन फार्मूले तैयार किए हैं।
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सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में सरकार कर्मचारियों की पदोन्नति की तैयारी कर रही है। अब तक एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर्मचारियों के अटके प्रमोशन का समाधान निकालने पर काम कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने हाल ही में विधानसभा में संकेत दिए थे। इस पहल से कर्मचारियों को नौ साल बाद उनके अधिकार और प्रोत्साहन मिल सकेगा। साथ ही विभागों में खाली पद भी भरने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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मध्य प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां सरकारी कर्मचारियों की नौ वर्षों से पदोन्नति की प्रक्रिया बाधित है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जल्द ही समाधान निकालकर प्रमोशन प्रक्रिया को गति दी जाएगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों को उनका हक मिल सके।
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क्यों नहीं हो रहे प्रमोशन
बता दें, प्रदेश के कर्मचारियों के पदोन्नति पर 2016 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद रोक लग गई थी। कोर्ट ने अप्रैल 2016 में प्रदेश सरकार के 2002 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आरक्षण को समाप्त कर दिया। इससे प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों की पदावनति की स्थिति निर्मित हो गई थी, इसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया, जिससे पदोन्नति प्रक्रिया अटक गई।
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पदोन्नति के तीन फॉर्मूले
सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन देने के लिए सरकार तीन फार्मूले के विकल्प पर विचार कर ही है। इसके आधार पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी जाएगी। इसमें पहले समयमान वेतनमान के आधार पर पदनाम दिया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्त है, तो उसे 20 वर्षों की सेवा के बाद सहायक ग्रेड-1, 30 वर्षों की सेवा के बाद सेक्शन ऑफिसर, और 35 वर्षों की सेवा पूरी होने पर अंडर सेक्रेटरी का पदनाम दिया जा सकता है। दूसरा वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन दिया जाएगा। इसमें 1993 में भर्ती हुए कई कर्मचारी 26 वर्षों की सेवा के बावजूद सहायक ग्रेड-2 के पद पर ही बने हुए हैं, जबकि आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इस अवधि में 5 प्रमोशन मिल चुके हैं। इस फॉर्मूले में मूल वरिष्ठता के आधार पर कर्मचारियों को समान पदोन्नति का अवसर दिया जाएगा। तीसरा वर्तमान भर्ती नियमों के तहत प्रमोशन दिया जाएगा। इसमें 2002 में आरक्षण प्रावधान हटाने के बाद मौजूदा नियमों के तहत कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाएगा। सरकार इस नियम को स्पष्ट कर सभी वर्गों के कर्मचारियों को लाभ देने की योजना बना रही है।
