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MP News: स्कूलों में छात्रों को पीट नहीं सकेंगे शिक्षक, शारीरिक दंड देने पर पूर्ण पाबंदी, निर्देश जारी

Wed, 05 Mar 2025 11:34 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Wed, 05 Mar 2025 11:34 PM IST
सार

प्रदेश सरकार ने छात्रों को शारीरिक दंड (Corporal Punishment) देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और इस पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा जारी आदेश में सभी शासकीय और अशासकीय शिक्षण संस्थानों में शारीरिक दंड की घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की बात कही गई है। साथ ही, दोषी शिक्षकों और विद्यालयों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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MP News: Teachers will not be able to beat students in schools, complete ban on giving physical punishment, in
एमपी में स्कूल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश में छात्रों को शारीरिक दंड (Corporal Punishment) देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी शासकीय और अशासकीय शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही, दोषी शिक्षकों और विद्यालयों पर सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 की धारा 17(1) के अंतर्गत छात्रों पर शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। धारा 17(2) के अनुसार, ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323 के तहत भी शारीरिक दंड प्रतिबंधित है और यह एक दंडनीय अपराध है।
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शिक्षा विभाग करेगा सख्त निगरानी
प्रदेश के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाओं की निगरानी करें और यदि किसी विद्यालय में छात्र को शारीरिक दंड देने का मामला सामने आता है तो तत्काल कार्रवाई करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या भेदभाव को पूरी तरह रोका जाए।
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