फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Registration for purchase of moong and urad from June 19, CM took decision on the demand of farmers

MP News: मूंग एवं उड़द की खरीदी के लिए पंजीयन 19 जून से, सीएम ने किसानों की मांग पर लिया फैसला

Sat, 14 Jun 2025 08:02 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 14 Jun 2025 08:02 AM IST
सार

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसलों की सरकारी खरीदी के लिए 19 जून से पंजीयन प्रारंभ करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

विज्ञापन
MP News: Registration for purchase of moong and urad from June 19, CM took decision on the demand of farmers
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने सीएम से मुलाकात कर जताया आभार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसलों के सरकारी खदीदी के लिए किसानों का पंजीयन 19 जून से प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने मूंग और उड़द के समर्थन मूल्य पर उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8682 रुपए प्रति क्विंटल और उड़द का 7400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बता दें, प्रदेश कि किसान तथा विपक्ष के नेता लंबे समय से मूंग की खरीदी की मांग करते हुए सरकार पर दबाव डाल रहे थे। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पचमढ़ी प्रशिक्षण वर्ग: अमित शाह करेंगे उद्घाटन, समापन समारोह में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
विज्ञापन


प्रदेश के 36 जिलों में मूंग और 13 जिलों में उड़द की फसल की कटाई मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक होती है। अनुमानित रूप से मूंग का क्षेत्राच्छादन 14.35 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 20.23 लाख मीट्रिक टन है, जबकि उड़द का क्षेत्र 0.95 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 1.24 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है। पंजीयन के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भू—अधिकार ऋण पुस्तिका की छायाप्रति संलग्न करनी होगी। बटाईदारों को अनुबंध की प्रति देना अनिवार्य है। सहकारी संस्थाएं उपार्जन की जिम्मेदारी संभालेंगी और किसानों को भुगतान की प्रिंटेड रसीद प्रदान की जाएगी। सरकार ने उपार्जन के लिए गुणवत्ता मानकों और प्रचार-प्रसार की कार्ययोजना भी तैयार की है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिले और फसलें औने-पौने दामों में न बिकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- फ्रांस के साथ एमओयू से प्रदेश की संस्कृति को मिलेगा वैश्विक मंच
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed