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MP News: 90 डिग्री वाले ROB को लेकर CM का बड़ा एक्शन, सात इंजीनियर निलंबित, अमर उजाला संवाद में उठा था मुद्दा

Sat, 28 Jun 2025 10:25 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 28 Jun 2025 10:25 PM IST
सार

भोपाल के ऐशबाग आरओबी में डिजाइन और निर्माण में गड़बड़ी सामने आने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। लोक निर्माण विभाग के 8 इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से सात को निलंबित कर दिया गया और एक सेवानिवृत्त एसई के खिलाफ जांच शुरू की गई है। बता दें अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसमें मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। 

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MP News: Major negligence in the construction of Aishbagh ROB, action taken against 8 engineers- 7 suspended,
भोपाल के 90 डिग्री वाले ब्रिज पर सरकार का बड़ा एक्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के ऐशबाग में बने फ्लाईओवर की डिजाइन और निर्माण में हुई चूक पर मोहन सरकार ने सख्त कदम उठाया है। फ्लाईओवर में खतरनाक 90 डिग्री मोड़ दिए जाने पर जांच के बाद लोक निर्माण विभाग के दो मुख्य अभियंता संजय खांडे और जी.पी. वर्मा सहित सात इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, सेवानिवृत एक अधीक्षण यंत्री (एसई) पर विभागीय जांच शुरू की गई है। बता दें अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के मंच से यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था, जिसमें मुख्यमंत्री ने ब्रिज की खामियों को सुधारने और दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही थी।

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डिजाइन कंसल्टेंट ब्लैकलिस्ट
इस प्रोजेक्ट में तकनीकी खामियों और गलत डिजाइन के लिए जिम्मेदार निर्माण एजेंसी और डिजाइन कंसल्टेंट को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
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सीएम मोहन यादव ने कहा कि ऐशबाग आरओबी के निर्माण में हुई गंभीर लापरवाही में मैंने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर लोनिवि के 8 इंजीनियर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो सीई सहित सात इंजीनियर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। एक सेवानिवृत एसई के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में आरओबी का त्रुटिपूर्ण डिजाइन प्रस्तुत करने पर निर्माण एजेंसी एवं डिजाईन कंसल्टेंट, दोनों को ब्लैक लिस्ट किया गया है। आरओबी में आवश्यक सुधार के लिए कमेटी बनाई गई है। सुधार के बाद ही आरओबी का लोकार्पण किया जाएगा।
संबंधित वीडियो 

MP News: Major negligence in the construction of Aishbagh ROB, action taken against 8 engineers- 7 suspended,
भोपाल का 90 डिग्री वाला ब्रिज। - फोटो : अमर उजाला

इस आधार पर लिया एक्शन
सीएम मोहन यादव ने जिन आठ इंजीनियरों पर कार्रवाई की है, उनमें चार को त्रुटिपूर्ण डिजाइन के लिए उत्तरदायी माना है तो अन्य चार को त्रुटिपूर्ण क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार माना है। इसके अलावा सभी आरोप पत्र समय पर जारी करने के लिए समिति गठित की गई। सुरक्षा और डिजाइन में सुधार के लिए रेलवे के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए भी समिति गठित कर दी गई है। इस मामले में संदिग्ध अधिकारियों के आरोपों पर कल फैसला किया जाएगा।

आरओबी के त्रुटिपूर्ण डिजाइन के लिए उत्तरदायी अधिकारी

  • शानूल सक्सेना उस समय सहायक यंत्री (डिजाइन), कार्यालय अभियंता, सेतु परिक्षेत्र, भोपाल में पदस्थ थीं। वर्तमान में सहायक यंत्री (डिजाइन), कार्यालय मुख्य अभियंता, सेतु परिक्षेत्र, भोपाल हैं। उन पर आरोप है कि रेलवे से बिना सहमति 16/12/2021 को जीएडी क्र. 393/अ का अनुमोदन किया।
  • रज्जाक शबाना सेतु परिक्षेत्र, भोपाल में उस समय प्रभारी कार्यपालन यंत्री (डिजाइन) के पद पर थे। वर्तमान में प्रभारी कार्यपालन यंत्री, मुख्य अभियंता कार्यालय, भोपाल हैं। इन पर आरोप है कि रेलवे सहमति के बिना जीएडी अनुमोदन से जुड़ी प्रक्रिया में शामिल थे।
  • संजय खांडे उस वक्त प्रभारी अभियंता, सेतु परिक्षेत्र, भोपाल में थे, जो अब लोनिवि रीवा में प्रभारी मुख्य अभियंता के रूप में पदस्थ हैं। इन्हें त्रुटिपूर्ण डिजाईन प्रक्रिया की निगरानी में दोषी माना है।
  • एमपी सिंह तब प्रभारी अधीक्षण यंत्री (डिजाईन), मुख्य निर्माण मंडल, भोपाल में पदस्थ थे। फिलहाल ये सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन पर आरोप है कि डिज़ाइन अनुमोदन की प्रक्रिया में त्रुटियां कीं।

त्रुटिपूर्ण क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार

 

  • उमाशंकर मिश्रा उस वक्त सेतु उपसंभाग, भोपाल में उपयंत्री थे। वर्तमान में कार्य. अधीक्षण यंत्री, मंडल-1, भोपाल में हैं। इन पर आरोप है कि रेलवे से समन्वय किए बिना GAD के अनुरूप कार्य संपादित किया।
  • रवि शुक्ला तब भोपाल में प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी थे। वर्तमान में कार्य. अधीक्षण यंत्री, मंडल-1, भोपाल पदस्थ हैं। इन पर आरोप है कि रेलवे विभाग के पत्रों पर कार्यवाही नहीं की गई।
  • शकील जावेद सेतु संभाग, भोपाल में प्रभारी यंत्री थे। वर्तमान में प्रभारी अधीक्षण यंत्री, मुख्य अभियंता कार्यालय, भोपाल में पदस्थ हैं। इन पर आरोप है कि समन्वय और क्रियान्वयन में गंभीर त्रुटियां कीं।
  • जीपी वर्मा तब प्रभारी मुख्य अभियंता, सेतु परिक्षेत्र, भोपाल में थे, वर्तमान में भी इसी पद पर हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने विभागीय निगरानी में लापरवाही बरती।

डिजाइन एवं क्रियान्वयन में त्रुटियों के लिए दो एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड किया गया है।

  • संविदाकार फर्म- मैसर्स पुनीत चढ्ढा, H-06, फॉर्च्यून ग्लोरी, भोपाल, आरोप- IRC मापदंडों के अनुरूप डिज़ाइन नहीं देना, त्रुटिपूर्ण कार्य
  • डिजाइन कंसल्टेंट- मैसर्स भोपाल डायनमिक कंसल्टेंट पर आरोप- डिजाइन व क्रियान्वयन दोनों में मानक उल्लंघन


खामियों के चलते रोका गया उद्घाटन
ऐशबाग आरओबी को वर्ष 2018 में प्रशासकीय मंजूरी दी गई थी और इसका निर्माण कार्य 2022 में शुरू हुआ। ब्रिज निर्माण अब पूरा हो चुका है, लेकिन सोशल मीडिया पर फ्लाईओवर के तीखे मोड़ को लेकर उठे सवालों के चलते इसका उद्घाटन रोक दिया गया था। तकनीकी खामियों के कारण यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो गया था।


अमर उजाला संवाद में सीएम ने दिए थे संकेत
बता दें कि मध्य प्रदेश में हुए अमर उजाला संवाद के आयोजन में सीएम डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की थी। 90 डिग्री वाले ब्रिज को लेकर किए सवाल पर उन्होंने कहा था कि ''''यह 2022 से बन रहा था। मेरे आने के बाद तो उसका लोकार्पण भी नहीं हुआ। निर्माण कार्य में कोई भी गलती होती है तो दुरुस्त की जा सकती है। हमने तो कहा है कि दुरुस्त करो। गलती हुई है तो सुधार देंगे। यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती है कि गलत हो गया तो समाज ने बता दिया। समाज ने बताया तो सुधार देंगे। ...इंजीनियर से, रेलवे से या ठेकेदार से गलती हुई होगी। जिसने गलती की, उसे सजा भी दे देंगे।''''

 

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