फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Congress attacks RTI on its 20th anniversary, says Right to Information is now becoming the right to

MP News: आरटीआई की 20वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस का हमला,बोले-सूचना का अधिकार अब बन रहा है सूचना रोकने का अधिकार

Sun, 12 Oct 2025 04:42 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sun, 12 Oct 2025 04:42 PM IST
सार

आरटीआई के 20 वर्ष पूरे होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि आरटीआई कानून को लगातार कमजोर किया गया है और यह अब नागरिकों की शक्ति का उपकरण न रहकर सूचना रोकने का माध्यम बनता जा रहा है।

विज्ञापन
MP News: Congress attacks RTI on its 20th anniversary, says Right to Information is now becoming the right to
कांग्रेस की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मिथुन अहिरवार और आरटीआई प्रकोष्ठ अध्यक्ष पुनीत टंडन ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि बीते एक दशक में आरटीआई कानून को लगातार कमजोर किया गया है और यह अब नागरिकों की शक्ति का उपकरण न रहकर सूचना रोकने का माध्यम बनता जा रहा है।
विज्ञापन


यूपीए सरकार की एक ऐतिहासिक देन
प्रवीण सक्सेना ने कहा कि आरटीआई कानून यूपीए सरकार की एक ऐतिहासिक देन थी, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाकर शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था। लेकिन आज स्थिति ये है कि सूचना मांगने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है और आयोगों को निष्क्रिय कर दिया गया है।”
विज्ञापन


2019 और 2023 के संशोधनों से कानून हुआ कमजोर
 कांग्रेस नेताओं ने 2019 में हुए संशोधन और 2023 के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम को RTI के लिए घातक करार दिया। उन्होंने बताया कि 2019 के संशोधनों से सूचना आयुक्तों की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई, जबकि DPDP कानून की धारा 44(3) ने व्यक्तिगत जानकारी की परिभाषा इतनी व्यापक कर दी है कि अब जनहित की तमाम जानकारियाँ भी बाहर हो गई हैं। पुनीत टंडन ने कहा कि मतदाता सूची, एमपीएलएडी फंड, मनरेगा और राजनीतिक चंदों जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं अब निजी जानकारी बताकर रोकी जा रही हैं। यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने जैसा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूचना आयोगों में रिक्तियां और बढ़ते लंबित मामले
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सितंबर 2025 तक केंद्रीय सूचना आयोग में केवल दो आयुक्त कार्यरत हैं और मुख्य आयुक्त का पद रिक्त पड़ा है। देश भर में आरटीआई से जुड़ी 4 लाख से अधिक अपीलें और शिकायतें लंबित हैं। मिथुन अहिरवार ने कहा कि एक ओर सरकार पारदर्शिता की बात करती है, दूसरी ओर आयोगों को जानबूझकर निष्क्रिय बनाकर नागरिकों को सूचना से वंचित रखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना हो रही है।


यह भी पढ़ें- फार्मेसी काउंसलिंग के दूसरे चरण में16 अक्टूबर तक लेना होगा प्रवेश, 53 कॉलेजों में नहीं हुआ कोई दाखिला


आरटीआई कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमले
कांग्रेस ने आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। भोपाल की शहला मसूद और महाराष्ट्र के सतीश शेट्टी जैसे कार्यकर्ताओं की हत्या को याद करते हुए नेताओं ने कहा कि आज भी आरटीआई उपयोगकर्ता धमकियों और हमलों के साए में जी रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि 2014 में पारित व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन अधिनियम आज तक लागू नहीं किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार उजागर करने वालों की सुरक्षा अधर में है।

यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में ठंड ने दी दस्तक, पारा 13.5 डिग्री तक गिरा, पूर्वी जिलों में हल्की बारिश के आसार

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
1. 2019 के संशोधनों को निरस्त कर सूचना आयोगों की स्वतंत्रता बहाल की जाए।
2. DPDP कानून की RTI विरोधी धाराओं को संशोधित किया जाए।
3. आयोगों में सभी रिक्त पद शीघ्र और पारदर्शी प्रक्रिया से भरे जाएं।
4. आयोगों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित हो और निपटान दर सार्वजनिक की जाए।
5. व्हिसलब्लोअर कानून को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
6. आयोगों में सामाजिक विविधता लाई जाए।




 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed