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MP News: सीएम डॉ. यादव अधिकारियों से बोले-शिप्रा नदी में कान्ह नदी का गंदा पानी मिलने से रोके
Wed, 14 Feb 2024 08:40 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 14 Feb 2024 08:40 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संसाधन विभाग के अधिाकरियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी में कान्ह नदी का गंदा पानी मिलने से रोका जाए।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उज्जैन की शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के संबंध में समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी में इंदौर से आने वाली कान्ह नदी का गंदा पानी मिलने से रोका जाए। पानी का ट्रीटमेंट धर्मपुरी से शुरू किया जाए। पानी को शुद्ध कर खेतों में सिंचाई के लिए दिया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए शिप्रा नदी पर बेहतर घाटों का निर्माण किया जाए। उन्होंने शनि मंदिर से गऊघाट, वीर दुर्गादास की छत्री से मंगलनाथ घाट, मंगलनाथ से भेरूगढ़ ब्रिज, भूखी माता के सामने घाट निर्माण सहित लगभग 27 किलोमीटर लम्बाई के घाटों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि घाट छोटे बनाए जाएं, ताकि खेतों की जमीन प्रभावित न हो। उन्होंने शिप्रा नदी के कमांड एरिया में पानी बढ़ने की क्षमता के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना के संबंध में इंदौर और उज्जैन की स्थानीय प्रशासन की संयुक्त बैठक भी आयोजित कर ली जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए शिप्रा नदी पर बेहतर घाटों का निर्माण किया जाए। उन्होंने शनि मंदिर से गऊघाट, वीर दुर्गादास की छत्री से मंगलनाथ घाट, मंगलनाथ से भेरूगढ़ ब्रिज, भूखी माता के सामने घाट निर्माण सहित लगभग 27 किलोमीटर लम्बाई के घाटों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि घाट छोटे बनाए जाएं, ताकि खेतों की जमीन प्रभावित न हो। उन्होंने शिप्रा नदी के कमांड एरिया में पानी बढ़ने की क्षमता के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना के संबंध में इंदौर और उज्जैन की स्थानीय प्रशासन की संयुक्त बैठक भी आयोजित कर ली जाए।
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