MP News: एमपी के अलीराजपुर जिले का नाम अब हुआ ‘आलीराजपुर’, राज्य शासन ने अधिसूचना जारी की, जाने क्यों बदला नाम
मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले का नाम बदलकर अब ‘आलीराजपुर’ होगा। केंद्र सरकार के मध्य प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर एनओसी जारी करने के बाद मध्य प्रदेश ने अधिसूचना जारी कर दी हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने अलीराजपुर जिले का नाम बदलकर अब ‘आलीराजपुर’ कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 21 अगस्त 2025 को इस नाम परिवर्तन को अपनी औपचारिक स्वीकृति दी थी। अब मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी करने के बाद जिले का नाम आलीराजपुर कर दिया गया है। जिले के कलेक्टर अभय बेड़ेकर ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें कारण भी बताया गया। सरकार ने कारण को सही मानते हुए भारत सरकार को एनओसी के लिए प्रस्ताव आगे भेजा, जिस पर केंद्र की तरफ से एनओसी मिल गई है। अब प्रदेश सरकार ने भी अलीराजपुर का नाम आलीराजपुर करने की अधिसूचना जारी कर दी हैं।
ये भी पढ़ें- MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा में जल्द होगा नए प्रमुख सचिव का चयन, अरविंद शर्मा का नाम सबसे आगे
राठौड़ शासकों का भी प्रभाव रहा
जिले के नाम की पुरानी वर्तनी “अलीराजपुर” लंबे समय से विवाद और चर्चा का विषय रही थी। इसको बदलने के लिए स्थानीय लोग मांग रहे थे। इतिहासकारों के अनुसार यहां पर अली और राजपुर नाम से दो गांव हैं। ये दोनों गांव 400 साल पहले छोटी छोटी रियासतें थीं। ऐसा माना जाता है कि 15 वीं सदी में यहां भील राजा आलिया भील का शासन रहा। आलिया भील के नाम पर ही इस इलाके की पहचान बनी। वहीं, यहां पर बाद में राठौड़ शासकों का भी प्रभाव रहा और यह क्षेत्र राठौड़ राजाओं का गढ़ कहलाया। ऐसा कहा जाता है कि दोनों शासकों के प्रभाव से ये दो रियासतें बनी थीं, जिनके नाम पर अब दो गांव रह गए। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इन दोनों रियासतों को एक मिलाकर आलीराजपुर कहा जाता था। समय के साथ उच्चारण और वर्तनी में बदलाव आया और यह अलीराजपुर कहलाने लगा। स्थानीय समाज लंबे समय से इसकी मूल पहचान और उच्चारण “आलीराजपुर” को ही आधिकारिक मान्यता देने की मांग कर रहा था।
ये भी पढ़ें- सियासत का वंशवाद: कांग्रेस में भी गहरी हैं भाई-भतीजावाद की जड़ें, 'वारिसों' को मिलता है टिकट या संगठन में पद
2008 में बना अलीराजपुर जिला
अलीराजपुर जिला 17 मई 2008 को अस्तित्व में आया था। इसे झाबुआ जिले से अलग कर नया जिला बनाया गया और इसका नाम तत्कालीन मुख्यालय अलीराजपुर पर रखा गया। अब सरकार ने स्थानीय भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इसका नाम 'आलीराजपुर' कर दिया है। अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सभी शासकीय पत्राचार और आधिकारिक अभिलेखों में जिले का नाम नई वर्तनी के साथ दर्ज होगा।
ये भी पढ़ें- कार्यकर्ताओं का क्या: भाजपा में परिवारवाद पर दोहरा मापदंड? सांसद-विधायक के टिकट पर दी एंट्री, यहां बैन
