फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP Mission 2023: Jayas preparing to compete with youth card, Owaisi's party including SC, ST, OBC engaged in u

MP Politics: जयस ने बनाया नया प्लान, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों को एक कर देंगे भाजपा को चुनौती

Sat, 10 Dec 2022 11:38 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 10 Dec 2022 11:38 AM IST
सार

मध्यप्रदेश में भाजपा आदिवासी वोटरों को साथ लाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। दूसरी ओर आदिवासियों के संगठन जयस ने ओबीसी और दलितों के साथ ही मुस्लिमों को साथ लाकर भाजपा को चुनौती देने की रणनीति बनाई है।  

विज्ञापन
MP Mission 2023: Jayas preparing to compete with youth card, Owaisi's party including SC, ST, OBC engaged in u
जयस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और इसके मद्देनजर भाजपा आदिवासी वोटरों का विश्वास जीतने के लिए भरसक कोशिश कर रही है। पेसा एक्ट लागू करने के लेकर आदिवासी नेताओं के नाम पर योजनाओं को लागू करने तक, हर कोशिश आदिवासियों में खोये जनाधार को फिर पाने की है। अब आदिवासी युवाओं के संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भाजपा को चुनौती देने के लिए पिछड़ों और दलितों के साथ ही मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को साथ लेने की योजना बनाई है। 

विज्ञापन


जयस ने दलितों और पिछड़ों की उपेक्षित जातियों को अपने साथ मिलाकर दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम को भी साथ लेने की तैयारी की जा रही है। जय आदिवासी युवा शक्ति के राष्ट्रीय संरक्षक और कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने 2023 के चुनावों में आदिवासियों के लिए आरक्षित और प्रभाव रखने वाली 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। जयस अपने साथ अजजा, अजा और ओबीसी के साथ ही अन्य छोटे दलों को लाने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर भोपाल में सामाजिक परिचर्चा एवं संगोष्ठी का आयोजन 10 दिसंबर को किया जा रहा है। डॉ. अलावा का कहना है कि हमारा उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को जोड़कर सच्चे राष्ट्रभक्तों की टीम तैयार करना है, जिससे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही संविधान की रक्षा एवं उसका शत-प्रतिशत अनुपालन भी संभव होगा।  
विज्ञापन


प्रदेश में आदिवासी वर्ग सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाता है, लेकिन अब जयस अलग ही रणनीति पर चल रहा है। जयस अब अपने साथ मांझी, धनगर, बंजारा समेत अन्य जातियों को साथ ला रहा है। जयस के साथ कई जातियों के संगठन जुड़ भी गए हैं। इसके लिए प्रदेश में जयस 20 अक्टूबर से समाज जोड़ो अभियान भी चला रहा है। उसका एजेंडा प्रदेश के हर हिस्से और वर्ग तक पहुंच बनाना है। इसके तहत भोपाल में हाल ही में मांझी आदिवासी महासंघ के बैनर तले सम्मेलन का आयोजन किया गया। 2018 में जयस नेताओं ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसी वजह से कांग्रेस ने भाजपा से अजजा के लिए आरक्षित 15 सीटें छीन ली थी। आदिवासी वोट से दूसरी कई सीटों पर उसे बढ़त मिली। यही कारण है कि बीजेपी और कांग्रेस का फोकस आदिवासी वोटरों को साधने पर है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed