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MP: बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने सरकार देगी 6000 करोड़, धान मिलिंग की प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि मंजूर
Tue, 10 Dec 2024 10:36 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 10 Dec 2024 10:36 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य सरकार द्वारा किसानों, विद्युत वितरण कंपनियों और उच्चतर शिक्षा संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक मंगलवार शाम को मंत्रालय में संपन्न हुई। कैबिनेट ने भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत बिजली कंपनियों को राज्यांश 40 प्रतिशत राशि लगभग 6 हजार करोड़ रुपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में देने की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। योजनांतर्गत बिजली कंपनियों को अद्यतन ऋण के रूप में दिए गए राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जाएगा। योजनांतर्गत केंद्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आएगी।
बता दें, कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य एवं परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए "रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लागू की गई है। योजना में केंद्र सरकार द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर व सिस्टम मीटरिंग के लिए 15 प्रतिशत राशि और विद्युत अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 60 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में प्रदान किए जाने का प्रावधान है। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी।
धान मिलिंग के लिए प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि स्वीकृत
खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार मिलिंग राशि 10 रुपये प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रदाय की जाएगी। साथ ही 20 प्रतिशत परिदान एफ.सी.आई को करने पर 40 रुपये और 40 प्रतिशत परिदान एफ.सी.आई को करने पर 120 रुपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि प्रदाय की जाएगी। इससे किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी आएगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत चावल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त अतिशेष चावल की मात्रा को केंद्रीय पूल में त्वरित गति से परिदान किया जाएगा। कैबिनेट ने केंद्र प्रवर्तित योजना 'प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम.उषा)' के संचालन की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। बता दें, केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2013 से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) चरण 1.0 एवं रूसा चरण 2.0 केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में लागू कर प्रारंभ की गई थी। योजना में प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पी.एम. उषा योजना को 4 घटकों पर केन्द्रित किया गया है। जिसमें बहुसंकायी शिक्षा एवं शोध विश्र्वविद्यालय, विश्र्वविद्यालय के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान, महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान और लैंगिक समावेशिता एवं साम्यता पहल शामिल है।
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बता दें, कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य एवं परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए "रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लागू की गई है। योजना में केंद्र सरकार द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर व सिस्टम मीटरिंग के लिए 15 प्रतिशत राशि और विद्युत अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 60 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में प्रदान किए जाने का प्रावधान है। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी।
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धान मिलिंग के लिए प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि स्वीकृत
खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार मिलिंग राशि 10 रुपये प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रदाय की जाएगी। साथ ही 20 प्रतिशत परिदान एफ.सी.आई को करने पर 40 रुपये और 40 प्रतिशत परिदान एफ.सी.आई को करने पर 120 रुपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि प्रदाय की जाएगी। इससे किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी आएगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत चावल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त अतिशेष चावल की मात्रा को केंद्रीय पूल में त्वरित गति से परिदान किया जाएगा। कैबिनेट ने केंद्र प्रवर्तित योजना 'प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम.उषा)' के संचालन की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। बता दें, केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2013 से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) चरण 1.0 एवं रूसा चरण 2.0 केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में लागू कर प्रारंभ की गई थी। योजना में प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पी.एम. उषा योजना को 4 घटकों पर केन्द्रित किया गया है। जिसमें बहुसंकायी शिक्षा एवं शोध विश्र्वविद्यालय, विश्र्वविद्यालय के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान, महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान और लैंगिक समावेशिता एवं साम्यता पहल शामिल है।
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