{"_id":"669d2e212383e750260aa7ad","slug":"mp-congress-s-new-experiment-target-to-add-100-voters-from-every-village-before-by-elections-in-three-assembl-2024-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP NEWS: एमपी कांग्रेस का नया प्रयोग, तीन विधानसभा मे उप चुनाव से पहले हर गांव के 100 मतदाता जोड़ने का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP NEWS: एमपी कांग्रेस का नया प्रयोग, तीन विधानसभा मे उप चुनाव से पहले हर गांव के 100 मतदाता जोड़ने का लक्ष्य
Sun, 21 Jul 2024 09:20 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 21 Jul 2024 09:20 PM IST
सार
अमरवाड़ा उप चुनाव हारने के बाद कांग्रेस पार्टी अब नए प्रयोग कर रही है। चुनाव से पहले तीनों विधान सभाओं के हर गांव से 100 मतदाता और 25 परिवार पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन
पीसीसी कार्यालय भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विज्ञापन
मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी लगातार हार रही चुनाव के बाद अब नए प्रयोग करने का प्रयास कर रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमेटी से लेकर लगातार बैठकर भी कर रही है। युवाओं से लेकर बुजुर्ग नेताओं से उनके सलाह ली जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होने की संभावना है जिसे लेकर कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। हालांकि छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में हुए उपचुनाव में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा है। अब तीन विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस ने उम्मीदवारों को भाजपा की तरह, 25 परिवार और 100 मतदाता जोड़ने का लक्ष्य दिया है। फिलहाल यह प्रयोग तीन विधानसभा सीटों में चलेगा पायलेट प्रोजेक्ट की तरह चलाया जाएगा इसके परिणाम आने के बाद इसे पूरे प्रदेश में चलने की तैयारी है।
भाजपा की तर्ज पर बना रहे रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने अब अपनी रणनीति बदलने पर काम शुरु कर दिया है। कांग्रेस की रणनीति अब भाजपा की तर्ज पर ही होगी। गौरतलब है कि आने वाले समय में प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों में उप चुनाव होने जा रहा है जिसको लेकर कांग्रेस की तरफ से लगातार बैठकें कर रणनीति तैयार की जा रही है। अब कांग्रेस ने जिस प्रकार से योजना तैयार की है उसके तहत बुदनी,विजयपुर और बीना विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस नया प्रयोग करेगी।कांग्रेस ने पायलेट फेज में सीहोर,सागर और श्योपुर जिलों की इन तीनों क्षेत्रों को चुन कर संगठन में जमीनी स्तर के सुधारों पर काम शुरु कर दिया है।
प्रत्याशियों के सुझाव पर कर रहे प्रयोग
कांग्रेस पार्टी यह प्रयोग यह प्रयोग उन सुझावों के आधार पर कर रही हैं,जो विधायकों,विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों के साथ हुई मंथन बैठकों में निकल कर आए थे। विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले हर पार्टी पदाधिकारी और टिकट के दावेदार को 10-10 गांवो में दौरे करने और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करने का जिम्मा सौंपा गया है। पहले चरण में हर बूथ पर 25 परिवारों को कांग्रेस से जोड़ने और 100 नए मतदाता जोड़ने की रणनीति बनाई गई है| ठीक वैसे ही जैसे भाजपा ने विधानसभा चुनाव में पहले हर बूथ पर 375 मतदाता जोड़ने की रणनीति पर काम किया था| पिछले एक सप्ताह 12 से 14 जुलाई के बीच कांग्रेस ने तीनों विधानसभा के स्थानीय नेताओँ को भोपाल बुलाकर पीसीसी की ओर से यह काम सौंपा दिया है। सभी को 15 दिन के भीतर यह काम करने के लिए कहा गया है उसके आधार पर ही दावेदारों के टिकट तय किए जाएंगे।
विज्ञापन
पॉलिटिकल अफेयर बैठक में शामिल होना चाहते थे लक्ष्मण सिंह
पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के सदस्य ना होने के बावजूद बैठक में शामिल होना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के सीनियर नेता अजय सिंह राहुल से सवाल पूछा है। लक्ष्मण सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा हमें क्यों नहीं बुलाया साहेब। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह पीसीसी चीफ जीतू पटवारी से लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पर सवाल उठा चुके हैं। क्या लक्ष्मण सिंह की मंशा की उन्हें पॉलिटिकल अफेयर कमेटी में शामिल किया जाए। बता दें कि पॉलिटकल अफेयर कमेटी में लक्ष्मण सिंह के भाई पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और भतीजा जयवर्धन सिंह पहले से सदस्य हैं।
भाजपा की तर्ज पर बना रहे रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने अब अपनी रणनीति बदलने पर काम शुरु कर दिया है। कांग्रेस की रणनीति अब भाजपा की तर्ज पर ही होगी। गौरतलब है कि आने वाले समय में प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों में उप चुनाव होने जा रहा है जिसको लेकर कांग्रेस की तरफ से लगातार बैठकें कर रणनीति तैयार की जा रही है। अब कांग्रेस ने जिस प्रकार से योजना तैयार की है उसके तहत बुदनी,विजयपुर और बीना विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस नया प्रयोग करेगी।कांग्रेस ने पायलेट फेज में सीहोर,सागर और श्योपुर जिलों की इन तीनों क्षेत्रों को चुन कर संगठन में जमीनी स्तर के सुधारों पर काम शुरु कर दिया है।
विज्ञापन
प्रत्याशियों के सुझाव पर कर रहे प्रयोग
कांग्रेस पार्टी यह प्रयोग यह प्रयोग उन सुझावों के आधार पर कर रही हैं,जो विधायकों,विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों के साथ हुई मंथन बैठकों में निकल कर आए थे। विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले हर पार्टी पदाधिकारी और टिकट के दावेदार को 10-10 गांवो में दौरे करने और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करने का जिम्मा सौंपा गया है। पहले चरण में हर बूथ पर 25 परिवारों को कांग्रेस से जोड़ने और 100 नए मतदाता जोड़ने की रणनीति बनाई गई है| ठीक वैसे ही जैसे भाजपा ने विधानसभा चुनाव में पहले हर बूथ पर 375 मतदाता जोड़ने की रणनीति पर काम किया था| पिछले एक सप्ताह 12 से 14 जुलाई के बीच कांग्रेस ने तीनों विधानसभा के स्थानीय नेताओँ को भोपाल बुलाकर पीसीसी की ओर से यह काम सौंपा दिया है। सभी को 15 दिन के भीतर यह काम करने के लिए कहा गया है उसके आधार पर ही दावेदारों के टिकट तय किए जाएंगे।
विज्ञापन
पॉलिटिकल अफेयर बैठक में शामिल होना चाहते थे लक्ष्मण सिंह
पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के सदस्य ना होने के बावजूद बैठक में शामिल होना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के सीनियर नेता अजय सिंह राहुल से सवाल पूछा है। लक्ष्मण सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा हमें क्यों नहीं बुलाया साहेब। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह पीसीसी चीफ जीतू पटवारी से लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पर सवाल उठा चुके हैं। क्या लक्ष्मण सिंह की मंशा की उन्हें पॉलिटिकल अफेयर कमेटी में शामिल किया जाए। बता दें कि पॉलिटकल अफेयर कमेटी में लक्ष्मण सिंह के भाई पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और भतीजा जयवर्धन सिंह पहले से सदस्य हैं।
