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MP Budget: बजट को लेकर जीतू पटवारी और कमलनाथ ने सरकार को घेरा, नेता प्रतिपक्ष ने नहीं सुना बजट
Wed, 03 Jul 2024 07:05 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 03 Jul 2024 07:05 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष से लेकर कांग्रेस के एक भी विधायक ने बजट को ध्यानपूर्वक नहीं सुना। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बजट को जनता के साथ छलावा बताया।
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बजट को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश मोहन सरकार ने बुधवार को अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। बजट के दौरान विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। नेता प्रतिपक्ष से लेकर कांग्रेस के एक भी विधायक ने बजट को ध्यानपूर्वक नहीं सुना। वहीं छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव का प्रचार करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बजट को जनता के साथ छलावा बताया।
यह सरकार घाटे का बजट लाने वाली सरकार
बुधवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी छिंदवाड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह तीन सी कर्ज, क्राइम और करप्शन से अपना नाता जोड़ा है। यह सरकार घाटे का बजट लाने वाली सरकार है। उन्होंने हाथरस सत्संग हादसे को लेकर यूपी सरकार पर भी निशाना साधा है।
पटवारी बोले- मप्र सरकार के दो बजट
पटवारी ने कहा है कि मप्र सरकार के दो बजट हैं। एक बजट जो सरकार को जनता को बताना है। डॉ. मोहन यादव सरकार का यह दूसरा बजट आया है, पिछले छह महीने ने सरकार ने अपने संकल्प पत्र के वादे अनुसार कोई काम नहीं किया। मप्र में तीन सी की सरकार है, जिसने कर्ज, क्राइम और करप्शन से अपना नाता जोड़ा है और एक बजट है व्यापमं, नर्सिंग, परिवहन, माइनिंग, पटवारी, ट्रांसफर, आबकारी, मास्टर प्लान एवं मेट्रो जिसमें कैसे पैसे लगाएं और और कैसे करप्शन करें। लूट के पैसे में कैसे हिस्सा बनें। दूसरी तरफ प्रदेश सरकार 3 लाख 79 हजार करोड़ के कर्ज में है, जिसमें 45 हजार करोड़ हर वर्ष ब्याज की देनदारियां देनी होती हैं। इतना ही नहीं लाड़ली बहना को 1200 रुपये देने के लिए 90 हजार करोड़ की अतिरिक्त राशि चाहिए, बजट में इसका पैसा या तो मोदी सरकार के रहमोकरम से, या संपत्तियां बैककर या कर्ज लेकर पूरा किया जाएगा, क्योंकि सरकार की साख इतनी घट गई है कि रिजर्व बैंक ने सरकार को कर्ज देने से इंकार कर दिया है।
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यह सरकार रोजगार देने में पूरी तरह फेल
पटवारी ने कहा कि रोजगार और बजट का गहरा रिश्ता होता है, वर्ष 2023-24 में 37 लाख पंजीयन बेरोजगार युवाओं के थे, जिसमें सरकार का कहना है कि 2 लाख युवाओं को प्राइवेट कंपनियों में रोजगार दिया गया है। लेकिन सरकारी नौकरी एक को भी नहीं मिली। विज्ञापन और इवेंट में सरकार ने खुद साबित किया कि हम रोजगार को लेकर अकर्मण्य हैं। चूंकि 10 लाख पंजीयन ही समाप्त हो गए, जिससे पंजीयन की संख्या घट गई। यह सरकार रोजगार देने में पूरी तरह फेल हुई है।
कमलनाथ बोले- जनता से विश्वासघात वाला बजट
मध्य प्रदेश के बजट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे वित्त मंत्री के बजट भाषण से गायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।
विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे वह इस प्रकार हैं।
इसलिए नहीं सुन पाए बजट
वित्त मंत्री के बजट पढ़ने के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खेल मंत्री (तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री) विश्वास सारंग से इस्तीफा मांगा है और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही विश्वास सारंग पर तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनीता शिजू की नियुक्ति को लेकर गलत जानकारी पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सर्वदलीय कमेटी बनाकर इसकी जांच करवाई जाए। इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई तो विपक्ष सदन से वॉक आउट कर दिया और बाहर आकर जमकर नारेबाजी की।
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यह सरकार घाटे का बजट लाने वाली सरकार
बुधवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी छिंदवाड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह तीन सी कर्ज, क्राइम और करप्शन से अपना नाता जोड़ा है। यह सरकार घाटे का बजट लाने वाली सरकार है। उन्होंने हाथरस सत्संग हादसे को लेकर यूपी सरकार पर भी निशाना साधा है।
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पटवारी बोले- मप्र सरकार के दो बजट
पटवारी ने कहा है कि मप्र सरकार के दो बजट हैं। एक बजट जो सरकार को जनता को बताना है। डॉ. मोहन यादव सरकार का यह दूसरा बजट आया है, पिछले छह महीने ने सरकार ने अपने संकल्प पत्र के वादे अनुसार कोई काम नहीं किया। मप्र में तीन सी की सरकार है, जिसने कर्ज, क्राइम और करप्शन से अपना नाता जोड़ा है और एक बजट है व्यापमं, नर्सिंग, परिवहन, माइनिंग, पटवारी, ट्रांसफर, आबकारी, मास्टर प्लान एवं मेट्रो जिसमें कैसे पैसे लगाएं और और कैसे करप्शन करें। लूट के पैसे में कैसे हिस्सा बनें। दूसरी तरफ प्रदेश सरकार 3 लाख 79 हजार करोड़ के कर्ज में है, जिसमें 45 हजार करोड़ हर वर्ष ब्याज की देनदारियां देनी होती हैं। इतना ही नहीं लाड़ली बहना को 1200 रुपये देने के लिए 90 हजार करोड़ की अतिरिक्त राशि चाहिए, बजट में इसका पैसा या तो मोदी सरकार के रहमोकरम से, या संपत्तियां बैककर या कर्ज लेकर पूरा किया जाएगा, क्योंकि सरकार की साख इतनी घट गई है कि रिजर्व बैंक ने सरकार को कर्ज देने से इंकार कर दिया है।
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यह सरकार रोजगार देने में पूरी तरह फेल
पटवारी ने कहा कि रोजगार और बजट का गहरा रिश्ता होता है, वर्ष 2023-24 में 37 लाख पंजीयन बेरोजगार युवाओं के थे, जिसमें सरकार का कहना है कि 2 लाख युवाओं को प्राइवेट कंपनियों में रोजगार दिया गया है। लेकिन सरकारी नौकरी एक को भी नहीं मिली। विज्ञापन और इवेंट में सरकार ने खुद साबित किया कि हम रोजगार को लेकर अकर्मण्य हैं। चूंकि 10 लाख पंजीयन ही समाप्त हो गए, जिससे पंजीयन की संख्या घट गई। यह सरकार रोजगार देने में पूरी तरह फेल हुई है।
कमलनाथ बोले- जनता से विश्वासघात वाला बजट
मध्य प्रदेश के बजट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे वित्त मंत्री के बजट भाषण से गायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।
विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे वह इस प्रकार हैं।
- किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल
- किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल
- लाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हज़ार रुपया
- घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में।
इसलिए नहीं सुन पाए बजट
वित्त मंत्री के बजट पढ़ने के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खेल मंत्री (तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री) विश्वास सारंग से इस्तीफा मांगा है और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही विश्वास सारंग पर तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनीता शिजू की नियुक्ति को लेकर गलत जानकारी पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सर्वदलीय कमेटी बनाकर इसकी जांच करवाई जाए। इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई तो विपक्ष सदन से वॉक आउट कर दिया और बाहर आकर जमकर नारेबाजी की।
