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जनगणना ड्यूटी: एमपी में 31 जनवरी तक पहली से आठवीं का सिलेबस खत्म करने के निर्देश, फरवरी से शिक्षक मैदान में

Sat, 03 Oct 2026 05:08 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 03 Oct 2026 05:08 PM IST
सार

जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का बड़ा टारगेट तय किया गया है। पहली से आठवीं तक का पाठ्यक्रम 31 जनवरी तक पूरा कराने के साथ बच्चों की दक्षता भी जांची जाएगी। जरूरत पड़ी तो स्कूलों की समय-सारणी में बदलाव होगा।

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Census Duty: Instructions issued in MP to complete the syllabus for classes 1 to 8 by January 31; teachers to
राज्य शिक्षा केन्द्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक की पढ़ाई को लेकर शिक्षा विभाग ने समयसीमा तय कर दी है। अगले साल फरवरी से शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगने की संभावना को देखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र ने 31 जनवरी तक पूरा पाठ्यक्रम खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। यानी स्कूलों में अब अगले चार महीनों में बचा हुआ कोर्स पूरा कराने पर फोकस रहेगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश जारी कर कहा है कि स्कूलों में पाठ्यक्रम पूरा कराने की गति बढ़ाई जाए। जरूरत पड़ने पर स्कूलों की समय-सारणी में बदलाव भी किया जा सकता है, ताकि 1 फरवरी से पहले पढ़ाई का निर्धारित हिस्सा पूरा हो जाए।
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1 फरवरी से शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी
निर्देशों के पीछे सबसे बड़ा कारण 1 फरवरी से शुरू होने वाला जनगणना का दूसरा चरण है। इस राष्ट्रीय कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे स्कूलों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है। विभाग चाहता है कि जनगणना ड्यूटी शुरू होने से पहले बच्चों का कोर्स पूरा हो और उन्हें वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
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चार महीने में बकाया पाठ्यक्रम पूरा कराने का लक्ष्य
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विषय-वस्तु का विभाजन नौ महीने की पढ़ाई और 10वें महीने में वार्षिक मूल्यांकन के हिसाब से किया गया है। अब स्कूलों को बचे हुए पाठ्यक्रम को चार महीने में पूरा कराने की दिशा में काम करना होगा।
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राज्य शिक्षा केंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले के स्कूलों में इसकी नियमित निगरानी करें और जहां जरूरत हो, वहां समय-सारणी में बदलाव कर पढ़ाई की रफ्तार बढ़ाएं।


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सिर्फ कोर्स खत्म करना काफी नहीं
राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि 31 जनवरी तक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना ही लक्ष्य नहीं है। यह भी देखा जाएगा कि बच्चों ने निर्धारित दक्षताएं हासिल की हैं या नहीं। अधिकारियों को स्कूलों में शैक्षणिक कार्य व्यवस्थित रखने और जनगणना के दौरान पढ़ाई पर कम से कम असर पड़े, इसके लिए पहले से जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया है।
 
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