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Bhopal: भोपाल में 1 अप्रैल से बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के रेट, रजिस्ट्री कार्यालय में तीन गुना तक बढ़ गई भीड़

Sat, 29 Mar 2025 08:34 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 29 Mar 2025 08:34 PM IST
सार

भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी के रेट 18 फीसदी तक बढ़ जाएंगे। इससे पहले रजिस्ट्री कार्यालय में काफी भीड़ देखने को मिल रही है। छुट्टियों के दिन भी दिनभर कार्यालय खुल रहे हैं,यहां तक की रात 10 बजे तक रजिस्ट्री का काम किया जा रहा है। 

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Bhopal: Property rates will increase in Bhopal from April 1, the crowd in the registry office has increased th
रजिस्ट्री कार्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी के रेट 18 फीसदी तक बढ़ जाएंगे। इससे पहले रजिस्ट्री कार्यालय में काफी भीड़ देखने को मिल रही है। छुट्टियों के दिन भी दिनभर कार्यालय खुल रहे हैं,यहां तक की रात 10 बजे तक रजिस्ट्री का काम किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार इस समय पहले के मुकाबले हर दिन तीन गुना से ज्यादा रजिस्ट्री की जा रही है। रजिस्ट्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पहले हर दिन 300 से 400 रजिस्ट्रियां रोज होती थी, लेकिन इस समय 1200 से 1500 तक रजिस्ट्री रोज की जा रही है।
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इसलिए बढ़ी रजिस्ट्री कार्यालय में भीड़ 
भोपाल में कम रेट पर प्रॉपर्टी खरीदने का ये सबसे बेहतर समय है। क्योंकि, जल्द ही शहर में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छूने वाले हैं। दरअसल साल के इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली कलेक्टर की नई गाइडलाइन में 1283 लोकेशनों पर प्रॉपर्टी रेट औसतन 18 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। हालांकि, कहीं इसके दाम महज 5 फीसदी ही बढ़ेंगे तो कहीं इसमें 300 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी। भोपाल में होने जा रहे इस उतार चढ़ाव के चलते प्रॉपर्टी बाजार में भी हलचल मच गई है। क्रेडाई और अन्य रियल एस्टेट संस्थाओं ने इसे अनुचित बताते हुए विरोध किया है। हालांकि, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड जल्द ही इसपर अंतिम फैसला लेगा।
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अगले दो दिन और बढ़ेगी भीड़
भारी मांग को पूरा करने के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों ने अपने परिचालन को बढ़ा दिया है, जो रात 10 बजे तक खुले रहते हैं और छुट्टियों के दिन भी काम करते हैं। जिला उप-पंजीयक आरके गुप्ता ने बताया कि हाल के हफ्तों की तुलना में संपत्तियों का पंजीकरण कराने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। उनका अनुमान है कि 30 और 31 मार्च को चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम दो दिन पंजीयन प्रति दिन लगभग 2,000 तक पहुंच सकते हैं, क्योंकि खरीदार मौजूदा कीमतों पर संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए होड़ लगा रहे हैं। 


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गाइडलाइन रेट्स के प्रस्तावों को किया स्वीकार
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिलों से प्राप्त बाजार मूल्य मार्गदर्शक दरों (गाइडलाइन रेट्स) के प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है, और इन्हें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावशील करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2024-25 के उपबंध और निर्माण दरें यथावत गई हैं। क्रेडाई भोपाल अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हमारा विरोध गाइडलाइन रेट्स में सिर्फ वृद्धि के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस प्रणाली के विरुद्ध है जो वैज्ञानिक नहीं है, संवादात्मक नहीं है, और व्यवहारिकता से कोसों दूर है। हमने 16 वर्षों से इसी प्रक्रिया का विरोध किया है, जिसमें बाजार मूल्य की बजाय अनुमान और उपबंधों के सहारे दरें बढ़ाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा आदेश स्पष्ट करता है कि सर्किल रेट्स का निर्धारण वैज्ञानिक, पारदर्शी और विशेषज्ञ-आधारित पद्धति से किया जाना चाहिए, जो वास्तविक बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित करे।

तीन बिंदुओं पर जोर दिया
    1.    वृद्धि की पद्धति में पारदर्शिता नहीं है – जिन जिलों ने वृद्धि प्रस्ताव भेजे, उनके अध्ययन और औचित्य का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं है।
    2.    उपबंध यथावत रहने का अर्थ है मूल्यवर्धन संरचना बनी रहेगी, जिससे अप्रत्याशित बोझ जारी रहेगा।
    3.    वास्तविक निवेश और मांग वृद्धि नहीं है, लेकिन गाइडलाइन दरों में वृद्धि से न सिर्फ लेन-देन प्रभावित होगा, बल्कि हाउसिंग फॉर ऑल जैसी योजनाएँ भी विफल हो सकती हैं।

क्रेडाई का आग्रह
    •    दरों की समीक्षा स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से कराई जाए।
    •    वर्षवार क्लीन डेटा सार्वजनिक किया जाए।
    •    जब तक प्रक्रिया वैज्ञानिक और पारदर्शी न हो, तब तक किसी भी वृद्धि को स्थगित किया जाए।

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