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Bhopal News: भोपाल मेट्रो में पटरी बिछाने का काम मार्च से होगा शुरू, पहली खेप रायगढ़ से राजधानी के लिए रवाना

Sat, 25 Feb 2023 05:29 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 25 Feb 2023 05:29 PM IST
सार

भोपाल मेट्रो के स्टेशन ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार हो रहे हैं। इनमें सोलर एनर्जी का उपयोग ज्यादा से ज्यादा किया जाएगा। इसके लिए स्टेशन के रूफ पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। बारिश के पानी को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के जरिए जमीन में डाला जाएगा।

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Bhopal News: The work of laying tracks in Bhopal Metro will start from March, the first consignment leaves for
भोपाल मेट्रो में पटरी बिछाने का काम अगले माह से होगा शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल मेट्रो में पटरी बिछाने का काम मार्च से शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से पटरी की पहली खेप भोपाल के लिए रवाना हो गई है। जिसके अगले सप्ताह की शुरुआत में पहुंचाने की संभावना है। इसके बाद सुभाष नगर डिपो और मेट्रो के ट्रेक पर पटरी बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। मेट्रो रेल के अधिकारियों के अनुसार सुभाष नगर डिपो में पटरियों को बिछाने के लिए गिट्टी और स्लीपर डालने की तैयारियों तेजी से की जा रही है।
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ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्टर पर हो रहे स्टेशन तैयार
भोपाल मेट्रो के स्टेशन ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार हो रहे हैं। इनमें सोलर एनर्जी का उपयोग ज्यादा से ज्यादा किया जाएगा। इसके लिए स्टेशन के रूफ पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। बारिश के पानी को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के जरिए जमीन में डाला जाएगा। सुभाष नगर में मेट्रो के डिपो पर एसटीपी बनाया जा रहा है। वेस्ट वॉटर को रिसाइकिंल करके मेट्रो की वासिंग में उपयोग किया जाएगा।
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मेट्रो को पटरी से मिलेगा करंट
भोपाल मेट्रो में करंट के लिए थर्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। दरअसल रेल में पॉवर सप्लाई दो तरीके से दी जाती है। पहला ओएचई, जिसमें ऊपर कैबिल से पॉवर मिलता है। दूसरा पटरियों के बराबर से एक पटरी बिछाई जाती है। इससे करंट प्रभावित होता है। इससे ही मेट्रो को पॉवर मिलती है। इसे ही थर्ड टेक्नोलॉजी कहते है। इस टेक्नोलॉजी की लागत कम होने के साथ ही मेंटनेंस भी कम आता है। इसमें फाल्ट की संभावना भी कम हो जाती है।
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यहां बन रहे आठ रेलवे
भोपाल में 30.95 किमी को मेट्रो ट्रेक प्रस्तावित है। इसमें से साढ़े सात किमी का प्रायोरिटी ट्रेक बनाया जा रहा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स तक आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसमें से सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, एमपी नगर जोन-2, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अल्कापुरी और एम्स में आठ स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसमें से अप्रैल तक सुभाष नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, एमपी नगर स्टेशन के सिवल कार्य पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। रेलवे स्ट्रेशन को 6 डिब्बों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। हालांकि शुरुआत में तीन-तीन डिब्बों के साथ ही मेट्रो दौड़ेंगी।
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