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Bhopal: MP में धान-गेहूं उपार्जन में गड़बड़ी रोकने बनेगा निगरानी तंत्र, मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल कमांड सेन्टर
Sat, 22 Mar 2025 07:50 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 22 Mar 2025 07:50 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में धान और गेहूं उपार्जन, परिवहन और भण्डारण में सामने आने वाली गड़बडियों को रोकने के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल कमांड सेन्टर बनाया जाएगा।
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खाद्य मंत्री मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में धान और गेहूं उपार्जन, परिवहन और भण्डारण में सामने आने वाली गड़बडियों को रोकने के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र जल्द विकसित किया जाएगा। खाद्य मंत्री मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आयुक्त खाद्य को दिए निर्देश में कहा कि है धान और चावल के मिलिंग और परिवहन के दौरान वाहनों में जीपीएस सिस्टम आवश्यक रूप से लगवाने के साथ उसकी मॉनिटरिंग भी करें।उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल कमांड सेन्टर बनाया जाएगा जिससे खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम एवं वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में भण्डारित किये गये उपार्जित धान एवं गेहूं और चावल की मात्रा, परिवहन और मिलिंग की जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध हो जाए।
सीएमआर की रैंडम जांच के निर्देश
प्रदेश में खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 के तहत उपार्जित धान की मिलिंग का कार्य विभिन्न मिलर्स के माध्यम से प्रक्रियाधीन है। खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम को 11 फरवरी 2025 को एक नोटशीट लिखकर निर्देश दिए थे कि धान की मिलिंग कार्य उपरांत मानक गुणवत्ता के चावल प्राप्त करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा मुख्यालय स्तर पर एक दल गठित कर मिलिंग के दौरान समय-समय पर सीएमआर की रैंडम जांच सुनिश्चित करें।
यह भी पढ़ें-उमरिया, शहडोल, मैहर समेत कई जिलों में गिरे ओले, किसानों की बढ़ी परेशानी, आगे भी अलर्ट
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जांच के लिए 3 सदस्यीय दल गठित
खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 में धान की मिलिंग उपरांत चावल की गुणवत्ता भारत शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए एक 3 सदस्यीय दल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा गठित किया गया है। इस टीम में मुख्यालय में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक (परिदान), सहायक महाप्रबंधक (गुनि.), गुणवत्ता नियंत्रक (मुख्यालय) को शामिल किया गया है। यह समिति समय-समय पर जिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ तत्समय वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगी।
यह भी पढ़ें-कांग्रेस विधायकों को विकास कार्यों के लिए नहीं मिल रहा बजट, PCC चीफ जीतू पटवारी ने सीएम को लिखा पत्र
ध्यानाकर्षण के जबाव में किया था आश्वस्त
गौरतलब है कि खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जबाव में सदन को आश्वस्त किया था कि उपार्जन, परिवहन, भण्डारण में गड़बड़ी रोकने के लिए एकीकृत प्रणाली विकसित कर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम कसेंगें। दरआसल उपार्जन की गड़बड़ियों में साहकारिता विभाग की समितियों की संलिप्ता होती है, इसलिए सहकारिता विभाग के सहयोग से मिलकर ऐसी समितियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रखेगें। खाद्य मंत्री राजपूत ने सदन को यहा भी अस्वस्थ किया था कि जिन जिलों में समितियों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई है उन पर कठोर कार्रवाई की जाएंगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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सीएमआर की रैंडम जांच के निर्देश
प्रदेश में खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 के तहत उपार्जित धान की मिलिंग का कार्य विभिन्न मिलर्स के माध्यम से प्रक्रियाधीन है। खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम को 11 फरवरी 2025 को एक नोटशीट लिखकर निर्देश दिए थे कि धान की मिलिंग कार्य उपरांत मानक गुणवत्ता के चावल प्राप्त करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा मुख्यालय स्तर पर एक दल गठित कर मिलिंग के दौरान समय-समय पर सीएमआर की रैंडम जांच सुनिश्चित करें।
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जांच के लिए 3 सदस्यीय दल गठित
खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 में धान की मिलिंग उपरांत चावल की गुणवत्ता भारत शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए एक 3 सदस्यीय दल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा गठित किया गया है। इस टीम में मुख्यालय में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक (परिदान), सहायक महाप्रबंधक (गुनि.), गुणवत्ता नियंत्रक (मुख्यालय) को शामिल किया गया है। यह समिति समय-समय पर जिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ तत्समय वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगी।
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ध्यानाकर्षण के जबाव में किया था आश्वस्त
गौरतलब है कि खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जबाव में सदन को आश्वस्त किया था कि उपार्जन, परिवहन, भण्डारण में गड़बड़ी रोकने के लिए एकीकृत प्रणाली विकसित कर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम कसेंगें। दरआसल उपार्जन की गड़बड़ियों में साहकारिता विभाग की समितियों की संलिप्ता होती है, इसलिए सहकारिता विभाग के सहयोग से मिलकर ऐसी समितियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रखेगें। खाद्य मंत्री राजपूत ने सदन को यहा भी अस्वस्थ किया था कि जिन जिलों में समितियों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई है उन पर कठोर कार्रवाई की जाएंगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
