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Bhopal: BMC अधिकारियों की गलती की सजा भुगत रहे HFA के हितग्राही, नहीं मिल रही रेरा की मंजूरी, 8 साल से इंतजार

Thu, 22 May 2025 07:08 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 22 May 2025 07:08 PM IST
सार

भोपाल नगर निगम के अधिकारियों की गलती हाउसिंग फॉर ऑल (एचएफए) योजना के हितग्राहियों को भुगतनी पड़ रही है। कई प्रोजेक्ट का तो 7-8 साल से इंतजार किया जा रहा। रेरा से मंजूरी में देरी के कारण इनका आवंटन नहीं हो पा रहा है।

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Bhopal: HFA beneficiaries are suffering due to the mistake of BMC officials, not getting RERA approval, waitin
एचएफए के फ्लैट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका भी अपना घर हो। इसी सपने को साकार करने के लिए सरकार हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम लेकर आई ताकि सभी नागरिकों को खुद का मकान मिल सके। लेकिन भोपाल नगर निगम के अधिकारियों की गलती स्कीम के हितग्राहियों को भुगतनी पड़ रही है। कई प्रोजेक्ट का तो 7-8 साल से इंतजार किया जा रहा। दरअसल हाउसिंग फॉर ऑल (एचएफए) योजना के तहत भोपाल नगर निगम द्वारा 3000 के करीब फ्लैट पूरे हो चुके हैं, लेकिन रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) से मंजूरी में देरी के कारण इनका आवंटन नहीं हो पा रहा है। जबकि किसी भी प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही रेरा की परमिशन लेनी जरूरी होती है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दिया और उनके गलती का खामियाजा अब हितग्राहियों को भुगतनी पड़ रही है।
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पांच प्रोजेक्ट को अभी करना पड़ रहा इंतजार
बीएमसी के राजस्व विभाग के अनुसार, भौरी, कलखेड़ा, बागमुगालिया, 12 नंबर और कोकता जैसे क्षेत्रों में स्थित पांच प्रमुख एचएफए परियोजनाएं रेरा मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। नतीजतन, पिछले चार वर्षों में इन संपत्तियों के लिए कोई आवंटन प्रस्ताव आमंत्रित नहीं किया गया है। लंबी देरी के कारण हजारों लाभार्थियों को अपने वादे के मुताबिक घरों का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कई स्थानों पर निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, बीएमसी अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।
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लग चुका है जुर्माना
 जानकारी के लिए बतादें कि बीएमसी द्वारा नीलबड़ परियोजना के लिए बिना रेरा पंजीकरण के प्रस्ताव आमंत्रित करने के पहले के प्रयास के कारण भारी जुर्माना लगाया गया था, जिसके कारण निगम को लंबित परियोजनाओं के साथ सतर्क रुख अपनाना पड़ा।
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क्या है नियम
हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए भी रेरा (RERA) की अनुमति आवश्यक है। यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है जिसे सभी बिल्डरों और डेवलपर्स को परियोजना की शुरुआत से पहले पूरा करना होगा। रेरा एक ऐसा कानून है जो रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व लाने के लिए बनाया गया है, और यह सुनिश्चित करता है कि खरीदारों के हितों की रक्षा की जाए।


एक साल में अनुमति मिलने का दावा
नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि इन फ्लैटों के लिए कब्जे का आवंटन जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि शेष परियोजनाओं के लिए रेरा की अनुमति साल भर के भीतर मिल जाएगी, जिसके बाद आवंटन प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी। बीएमसी के अधीक्षण अभियंता उदित गर्ग ने बताया कि गंगा नगर परियोजना में 500 से अधिक फ्लैटों को हाल ही में रेरा की मंजूरी मिली है।

 

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जाने कितना लेट हैं ये प्रोजेक्ट

1- गंगा नगर: 2017 में शुरू हुई, 2020 में पूरी होनी थी। पांच साल लेट है।
2- श्याम नगर: 2018 में शुरू हुई, 2022 में पूरी होनी है। तीन साल लेट है।
3- बाग मुगलिया: 2019 में शुरू हुई, 2022 में पूरी होनी है। तीन साल लेट है।
4- परियोजना 12 नंबर: 2019 में शुरू हुई, 2022 में पूरी होनी है। तीन साल लेट है।
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