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Bhopal: कुंभ की घटना पर राज्यसभा में चर्चा की मांग खारिज, दिग्विजय सिंह ने की थी मांग, कहा-क्या यह न्याय पूर्ण
Tue, 04 Feb 2025 03:21 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 04 Feb 2025 03:21 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा राज्यसभा में कुंभ में हुई घटना पर चर्चा करने की मांग की गई थी, लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया। उन्होंने कुंभ में मृतकों की संख्या पर सवाल खड़े किए हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रयागराज महाकुंभ में मृतकों और घायलों के वास्तविक आंकडे पर सवाल उठाते हुए राज्यसभा में चर्चा की मांग को खारिज कर दिया है। दिग्गी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। दिग्विजय सिंह ने लिखा कि कल मैंने व लगभग सभी राज्यसभा विपक्षी पार्टी के संसद सदस्यों ने कुंभ में दुःखद घटना पर सभी विषयों को स्थगित कर सदन में चर्चा कराने की मांग की थी लेकिन सभापति ने हमारी मांग खारिज कर दी। यहां तक सदन द्वारा इस दुखद घटना में जो श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है उनकी स्मृति में राज्यसभा में शोक प्रस्ताव की भी इजाजत नहीं दी। क्या यह न्याय पूर्ण है?
छह अन्य स्थानों पर भी हुई भगदड़
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राज्यसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 267 के तहत, मैं सदन के निर्धारित कार्यों को स्थगित कर प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 29 जनवरी 2025 को हुई दुखद भगदड़ पर चर्चा कराने हेतु यह नोटिस प्रस्तुत कर रहा हूं। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया था कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में संगम क्षेत्र में 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यद्यपि, हाल ही में सामने आई जानकारियों से यह पता चला है कि कम से कम छह अन्य स्थानों पर भी भगदड़ हुई, जिससे वास्तविक मृतकों की संख्या और सरकार द्वारा दी गई जानकारी की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। कई प्रमुख संतों, विशेष रूप से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने प्रशासन से कुंभ मेले में अव्यवस्था और घटना के सही आंकड़ों की अनुपलब्धता पर सवाल उठाए हैं।
जनमानस में भारी आक्रोश
दिग्विजय सिंह ने कहा है कि महाकुंभ जैसे विशाल मिले धार्मिक आयोजन में उचित भीड़ प्रबंधन की कमी, मृतकों की संख्या को लेकर सूचना को छुपाने के आरोप, और संत समाज को सही जानकारी से वंचित रखने की घटनाओं ने जनमानस में भारी आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस घटना ने करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है, जिसके लिए सदन में तत्काल चर्चा आवश्यक है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तत्काल चर्चा सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्धारित कार्यों को स्थगित किया जाए, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो, पीड़ितों को न्याय मिले और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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छह अन्य स्थानों पर भी हुई भगदड़
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राज्यसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 267 के तहत, मैं सदन के निर्धारित कार्यों को स्थगित कर प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 29 जनवरी 2025 को हुई दुखद भगदड़ पर चर्चा कराने हेतु यह नोटिस प्रस्तुत कर रहा हूं। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया था कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में संगम क्षेत्र में 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यद्यपि, हाल ही में सामने आई जानकारियों से यह पता चला है कि कम से कम छह अन्य स्थानों पर भी भगदड़ हुई, जिससे वास्तविक मृतकों की संख्या और सरकार द्वारा दी गई जानकारी की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। कई प्रमुख संतों, विशेष रूप से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने प्रशासन से कुंभ मेले में अव्यवस्था और घटना के सही आंकड़ों की अनुपलब्धता पर सवाल उठाए हैं।
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जनमानस में भारी आक्रोश
दिग्विजय सिंह ने कहा है कि महाकुंभ जैसे विशाल मिले धार्मिक आयोजन में उचित भीड़ प्रबंधन की कमी, मृतकों की संख्या को लेकर सूचना को छुपाने के आरोप, और संत समाज को सही जानकारी से वंचित रखने की घटनाओं ने जनमानस में भारी आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस घटना ने करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है, जिसके लिए सदन में तत्काल चर्चा आवश्यक है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तत्काल चर्चा सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्धारित कार्यों को स्थगित किया जाए, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो, पीड़ितों को न्याय मिले और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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