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Bhopal: OPD में डिजिटल रजिस्ट्रेशन के मामले में एम्स भोपाल देश में दूसरे स्थान पर, मरीजों को लंबी लाइन से राहत
Sun, 04 May 2025 08:29 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 04 May 2025 08:29 PM IST
सार
एम्स भोपाल ने देशभर में ओपीडी पंजीकरण की कागज रहित और कतार रहित प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने वाले अस्पतालों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। एम्स भोपाल ने अभी तक स्कैन एंड शेयर के माध्यम से 14.5 लाख से अधिक ओपीडी टोकन जनरेट किए हैं।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल स्थित एम्स स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मरीज के अन्य सुविधाओं का भी ख्याल रख रहा है। एम्स के शुरुआती दौर में मरीजों को 5-5 घंटे लाइन में लगाना पड़ता था, लेकिन कुछ समय से यहां पूरा काम डिजिटल होने के बाद मरीज और उनके परिजनों को लाइन लगने से राहत मिल गई है। हाल ही में, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एम्स भोपाल ने देशभर में ओपीडी पंजीकरण की कागज रहित और कतार रहित प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने वाले अस्पतालों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग भारत सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा जारी की गई है, जिसके अनुसार एम्स भोपाल ने स्कैन एंड शेयर सेवा के माध्यम से 14.5 लाख से अधिक ओपीडी टोकन जनरेट किए हैं। इस सूची में एम्स नई दिल्ली पहले स्थान पर है।
स्कैन एंड शेयर सुविधा यह मिल रहा लाभ
स्कैन एंड शेयर सुविधा मरीजों को सामान्य पंजीकरण प्रक्रिया से राहत प्रदान करती है, जिसमें उन्हें रजिस्ट्रेशन काउंटर की कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होती। मरीज अस्पताल परिसर में उपलब्ध क्यूआर (QR) कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर तुरंत ओपीडी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रणाली न केवल समय की बचत करती है, बल्कि अस्पतालों में भीड़ को भी कम करती है, जिससे मरीजों को तेज़, सहज और सुविधाजनक अनुभव मिलता है।
यह भी पढ़ें-फैकल्टी के अभाव में बीयू में नहीं शुरू हो पा रहा बी-एड, NCTE ने पिछले 3 सत्रों से लगा रखा है प्रतिबंध
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कड़ी मेहनत और तकनीकी नवाचारों का मिला फायदा
इस सफलता पर एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, यह उपलब्धि एम्स भोपाल के लिए गर्व का क्षण है एवं संस्थान द्वारा स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन लाने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। स्कैन एंड शेयर सेवा ने हमारे मरीजों के लिए प्रतीक्षा समय को काफी कम किया है और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाया है। देशभर में ओपीडी टोकन जनरेट करने में दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और तकनीकी नवाचारों को अपनाने की भावना का परिणाम है।
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स्कैन एंड शेयर सुविधा यह मिल रहा लाभ
स्कैन एंड शेयर सुविधा मरीजों को सामान्य पंजीकरण प्रक्रिया से राहत प्रदान करती है, जिसमें उन्हें रजिस्ट्रेशन काउंटर की कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होती। मरीज अस्पताल परिसर में उपलब्ध क्यूआर (QR) कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर तुरंत ओपीडी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रणाली न केवल समय की बचत करती है, बल्कि अस्पतालों में भीड़ को भी कम करती है, जिससे मरीजों को तेज़, सहज और सुविधाजनक अनुभव मिलता है।
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कड़ी मेहनत और तकनीकी नवाचारों का मिला फायदा
इस सफलता पर एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, यह उपलब्धि एम्स भोपाल के लिए गर्व का क्षण है एवं संस्थान द्वारा स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन लाने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। स्कैन एंड शेयर सेवा ने हमारे मरीजों के लिए प्रतीक्षा समय को काफी कम किया है और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाया है। देशभर में ओपीडी टोकन जनरेट करने में दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और तकनीकी नवाचारों को अपनाने की भावना का परिणाम है।
