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Bhopal: आठ-आठ नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ाते थे एक फैकल्टी, संचालक गिरफ्तार फिर भी मिल गई मान्यता

Thu, 23 May 2024 03:06 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 23 May 2024 03:06 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में इन दिनों नर्सिंग कॉलेजों में हो रहे घोटाले को लेकर सीबीआई जांच कर रही है। कॉग्रेस के मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश नायक, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और एनएसयूआई के रवि परमार ने पत्रकार वार्ता कर बड़ा खुलासा किया है। 

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Bhopal: A faculty used to teach in eight nursing colleges, the director was arrested yet he got recognition.
कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता कर कई आरोप लगाए हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों में एक फैकल्टी एक साथ आठ-आठ कॉलेजों में पढ़ाते थे। जिन कॉलेजों के संचालक को सीबीआई ने गिरफ्तार किया, उन कॉलेजों को विभाग ने मान्यता जारी कर दी है। 
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मध्य प्रदेश में इन दिनों नर्सिंग कॉलेजों में हो रहे घोटाले को लेकर सीबीआई जांच कर रही है। कॉग्रेस के मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश नायक, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और एनएसयूआई के रवि परमार ने पत्रकार वार्ता कर बड़ा खुलासा किया है। नायक ने बताया कि जिन कॉलेजों के संचालक फर्जीवाड़े में गिरफ्तार हुए हैं। उनके कॉलेजों को सरकार ने मान्यता जारी कर दी है। कॉलेजों का नाम नामांकन सूची में है। रवि परमार ने कहा है कि नर्सिंग कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी का भी घोटाला हुआ है। एक-एक फैकल्टी आठ-आठ कॉलेजों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम में एक ही समय पढ़ाते थे। खास बात यह है कि ये फैकल्टी दूसरे राज्यों के हैं। उसी समय वे अपने राज्यों में भी पढ़ाते हैं। 
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हेमंत कटारे ने कहा है कि हम नर्सिंग घोटाले को पूरी ताकत से विधानसभा में उठाएंगे। इसके लिए पहले से रणनीति तैयार की जा रही है। रवि ने कहा कि भोपाल का मलय नर्सिंग कॉलेज का अस्पताल 40 किलोमीटर दूर था, नियम 20 किलोमीटर का ही है। फिर भी मान्यता दी गई है। 
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सीबीआई ने नहीं माना हाई कोर्ट की जांच
मुकेश नायक ने कहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट की जांच के बाद सीबीआई ने कई मेडिकल कॉलेज को सूटेबल घोषित किया। 66 नर्सिंग कॉलेज को अपात्र घोषित किया गया था। समिति ये देखती है कि कितने स्क्वेयर फीट की जगह चाहिए, कितनी जगह है उसके हिसाब से मान्यता दी गई। 169 को पात्र, 73 अल्प पात्र और 66 कॉलेजों को अपात्र बताया गया था। इनमें से 9 नर्सिंग कॉलेज शासकीय थे। नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंड ने 4 साल के कोर्स की परीक्षा 1 साल में ही दे दी। उन्होने कहा कि रवि परमार ने इस घोटाले के लिए आवाज उठाई थी, तो हथकड़ी बांधकर घुमाया गया।

नर्सिंग वातावरण हनुमान जी की आठ सिद्धियां प्राप्त
मुकेश नायक ने कहा कि प्रदेश का नर्सिंग वातावरण हनुमान जी की आठ सिद्धियां प्राप्त कर चुका है। नर्सिंग घोटाला अगले विधानसभा सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विषय होगा। रवि परमार ने कहा है कि एमपी के पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के समय सबसे ज्यादा मेडिकल नर्सिंग कॉलेज खोले गए। एक साल में 40 फीसदी नए कॉलेज खुले। हमको सीबीआई की जांच पर कोई विश्वास नहीं है। नर्सिंग कॉलेज ऑफ इंडिया के मापदंडों के हिसाब से जांच हो और सभी कर्मियों को एक समय के हिसाब से पूरा किया जाए।


मामला उठाने वाले को बार-बार भेजा जेल
मप्र विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे में नर्सिंग घोटाले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मप्र सरकार व्यापमं घोटाले से बाहर नहीं आ पाया और अब नर्सिंग घोटाले का कलंक लग गया। नर्सिंग घोटाले को उजागर करने वाले एनएसयुआई नेता रवि परमार को कई बार जेल भेजा गया। कई मुकदमे उन पर दर्ज किए गए, वहीं अपराधियों को सीबीआई की गिरफ्त में होने के बावजूद फोन पर बातचीत करते पाया गया। जिससे दोषियों के प्रति सरकार की मंशा उन्हें संरक्षण देने की स्पष्ट नजर आती है। मैं अपने विधायक साथियों के साथ विधानसभा में पूरी ताकत के साथ इस मामले को लेकर आवाज उठाऊंगा।
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