Bhopal: भोपाल में 38% ड्राइवरों की नजर कमजोर, 87 फीसदी चालक दूसरी बीमारियों से पीड़ित, डाटा तैयार कर रही पुलिस
भोपाल में ई-रिक्शा, ऑटो और स्कूलों की बस चलाने वाले 38 फीसदी चलकों की नजर कमजोर है। जबकि कि 87 फीसदी ड्राइवर फिजकली अनफिट हैं। यह खुलासा पीटीआरआई द्वारा कर्मिश्यिल ड्राइवरों के सड़क सुरक्षा के तहत मेडिकल चेकअप के दौरान हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी भोपाल की जनता को सफर कराने वाले ई रिक्शा, ऑटो और स्कूलों के बच्चों की बस चलाने वाले 38 फीसदी ड्राइवरों की नजर कमजोर है, जबकि 87 फीसदी चालक शारीरिक रूप से अक्षम हैं। केवल 13 फीसदी चालक फिट हैं।
यह खुलासा पीटीआरआई द्वारा कमर्शियल ड्राइवरों के सड़क सुरक्षा के तहत मेडिकल चेकअप के दौरान हुआ। दरअसल भोपाल पुलिस फिजकली अनफिट ड्राइवरों का डाटा तैयार कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवरों को फिजली फिट होना जरूरी है।
गौरतलब है कि राजधानी भोपाल में पुलिस पहली बार कमर्शियल ड्रायवरों की हेल्थ चेकप करवा रही है। पीटीआरआई ने इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ड्राइवर व कंडक्टर के मेडिकल चेकअप के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों से भी जागरूक किया गया है। इसमें खासकर स्कूल-कॉलेज के बस ड्राइवर व कंडेक्टर और ई-रिक्शा चालकों को बुलाया गया था। सभी को ट्रैफिक नियमों से जागरूक किया गया है।
भोपाल के ड्राइवरों की स्थिति
1- 750- कमर्शियल ड्राइवरों की जांच2- 280- ड्राइवरों की नजर कमजोर
3- 87- ड्राइवरों को सर्जरी के लिए रेफर किया
4- 200- ड्राइवरों को चश्मे और आई ड्रॉप बांटे गए
5- 100- ड्राइवरों को शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच
6- 40- ड्राइवर डाइबिटिक और ब्लड प्रेशर से पीड़ित
7- 10- प्रतिशत ड्राइवर अन्य बीमारियों से पीड़ित
वहन चलाने के बताए नियम
ट्रैफिक डीसीपी संजय सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के तहत पीटीआरआई द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें शहर के स्कूल-कॉलेजों, ई-रिक्शा, आटो ड्राइवर और कंडेक्टरों को विशेष रूप से बुलाया गया था। कार्यशाला में ड्राइवर और कंडेक्टरों को वाहन चलाने के तरीके सिखाए गए है। उनके बीपी, शुगर और आई चेक अप कराए गए है। इसमें कुछ संस्थाए कॉर्डिनेट कर रही है। सभी ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों को अवगत कराया गया है। तेज गति से वाहन न चलाने को संवेदनशील किए गया है। आगे भी ऐसे प्रशिक्षण जारी रहेंगे।
