{"_id":"5dac0bef8ebc3e93ac7222ed","slug":"bhopal-to-avoid-punishment-from-triple-talaq-law-second-marriages-being-done-without-giving-divorce","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल: सजा से बचने के लिए बिना तलाक दिए कर रहे हैं दूसरी शादी, तीन महीने में आधा दर्जन मामले दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल: सजा से बचने के लिए बिना तलाक दिए कर रहे हैं दूसरी शादी, तीन महीने में आधा दर्जन मामले दर्ज
Sun, 20 Oct 2019 01:37 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 20 Oct 2019 01:37 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के दंश से बचाने के लिए जुलाई में पारित हुए कानून के बाद शहर में महिलाओं को प्रताड़ित करने के कुछ अलग तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इन महिलाओं के पति ने तलाक नहीं दिया बल्कि बिना उनकी इजाजत के ही दूसरा निकाह कर लिया।
विज्ञापन
सरकार ने इस साल मुस्लिम महिला अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 पास किया था। जिसमें तीन तलाक देने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन बिना तलाक के दूसरी शादी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। अकेले गौरवी में ही पिछले तीन महीनों में ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। ज्यादातर मामले पुलिस थानों से गौरवी को भेजे गए हैं।
विज्ञापन
बेटी हुई तो घर से बाहर निकला दिया
यहां पुराने शहर में रहने वाली गौहर (परिवर्तित नाम) का निकाह 2014 में बरखेड़ा में रहने वाले सादिक (परिवर्तित नाम) से हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद गौहर ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद पति ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विज्ञापन
परिवार के लोग मासूम बच्ची के साथ भी बुरा व्यवहार करते थे। एक दिन पति ने गुस्से में बेटी और गौहर को घर ससे बाहर निकाल दिया। इसी साल जुलाई में सादिक ने गौहर को बताए बिना दूसरा निकाह कर लिया। जिसके बाद गौहर ने अशोका गार्डन थाने में पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
पत्नी बीमार हुई तो कर ली दूसरी शादी
25 वर्षीय सकीना (परिवर्तित नाम) का निकाह साल 2017 में जहांगीराबाद में रहने वाले मोहम्मद खान (परिवर्तित नाम) से हुआ। शादी के बाद ही ससुराल वाले बच्चे के लिए दबाव बनाने लगे। बच्चा न होने पर सकीना ने मेडिकल जांच करवाई।
डॉक्टर ने उसे मां बनने के लिए पूरी तरह फिट बताया और कहा कि पति को भी अपनी जांच करवानी चाहिए लेकिन पति ने इस बात से इनकार कर दिया। इसी दौरान सकीना बीमार हो गई, जिसके बाद पति ने उसे मायके छोड़ दिया। अब उसने दूसरा निकाह कर लिया है।
परिवार परामर्श केंद्र महिला थाना के काउंसलर मोहिब अहमद ने बताया कि इस्लाम में दूसरी शादी के लिए पहली पत्नी की स्वीकृति अनिवार्य है। लेकिन दूसरी शादी के बाद भी पति को पहली पत्नी की पूरी जिम्मेदारी निभानी होती है।
वकील मोहसिन खान ने बताया कि तीन तलाक के खिलाफ आए कानून के तहत कार्रवाई से बचने के लिए कुछ लोग यह तरीका अपना रहे हैं। इससे प्रताड़ित कई महिलाएं पुलिस थानों के चक्कर लगा रही हैं।
