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भोपाल: जेल में दो कैदियों की मौत के मामलों में मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, जेल अधीक्षकों से मांगा जवाब
Wed, 16 Mar 2022 06:05 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 16 Mar 2022 06:05 PM IST
सार
एमपी की दो जेलों में हुई कैदियों की मौत के मामले का संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक भोपाल-ग्वालियर को एक माह में स्थिति स्पष्ट करना होगी।
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मानव अधिकार हनन से जुड़े दो मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा गया है।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े दो मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
पहला मामला भोपाल शहर का है। हाल ही में गांधीनगर इलाके में स्थित केन्द्रीय जेल में बंद एक महिला कैदी की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। गांधीनगर पुलिस के मुताबिक राजगढ़ की महिला बंदी लीलाबाई पति शिवचरण (58 साल) वर्तमान में एक गंभीर अपराध के चलते केन्द्रीय जेल भोपाल में कैद थी। बीते सोमवार की देर रात तबीयत बिगड़ने पर उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात उसकी मौत हो गई। मामले में आयोग ने केन्द्रीय जेल अधीक्षक, भोपाल से एक माह में जवाब मांगा है।
दूसरा मामला ग्वालियर के केन्द्रीय जेल का है। यहां बंद एक विचाराधीन बंदी की बीते मंगलवार की सुबह मौत हो गई। उसके सीने में दर्द उठा, तो जेल प्रबंधन ने उसे जयारोग्य अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। बंदी की मौत के बाद उसके परिजनों ने जेल प्रशासन पर मारपीट करने और हत्या करने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। आक्रोशित परिजनों ने पीएम के बाद शव को चैराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्वालियर सेंट्रल जेल के अधीक्षक के मुताबिक विचाराधीन बंदी देवेन्द्र जाटव 17 फरवरी को इस जेल में आया था। उस पर हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आरोप था। जेल अधीक्षक के मुताबिक संभवतः हार्ट अटैक से बंदी की मौत हुई है। अस्पताल ने भी मौत का कारण हाईपर टेंशन बताया है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने केन्द्रीय जेल अधीक्षक, ग्वालियर से एक माह में जवाब मांगा है।
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पहला मामला भोपाल शहर का है। हाल ही में गांधीनगर इलाके में स्थित केन्द्रीय जेल में बंद एक महिला कैदी की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। गांधीनगर पुलिस के मुताबिक राजगढ़ की महिला बंदी लीलाबाई पति शिवचरण (58 साल) वर्तमान में एक गंभीर अपराध के चलते केन्द्रीय जेल भोपाल में कैद थी। बीते सोमवार की देर रात तबीयत बिगड़ने पर उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात उसकी मौत हो गई। मामले में आयोग ने केन्द्रीय जेल अधीक्षक, भोपाल से एक माह में जवाब मांगा है।
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दूसरा मामला ग्वालियर के केन्द्रीय जेल का है। यहां बंद एक विचाराधीन बंदी की बीते मंगलवार की सुबह मौत हो गई। उसके सीने में दर्द उठा, तो जेल प्रबंधन ने उसे जयारोग्य अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। बंदी की मौत के बाद उसके परिजनों ने जेल प्रशासन पर मारपीट करने और हत्या करने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। आक्रोशित परिजनों ने पीएम के बाद शव को चैराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्वालियर सेंट्रल जेल के अधीक्षक के मुताबिक विचाराधीन बंदी देवेन्द्र जाटव 17 फरवरी को इस जेल में आया था। उस पर हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आरोप था। जेल अधीक्षक के मुताबिक संभवतः हार्ट अटैक से बंदी की मौत हुई है। अस्पताल ने भी मौत का कारण हाईपर टेंशन बताया है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने केन्द्रीय जेल अधीक्षक, ग्वालियर से एक माह में जवाब मांगा है।
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