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Bhind: बीमार पिता को ठेले में अस्पताल ले जाने की खबर जांच में मिली गलत, तीन पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज

Mon, 22 Aug 2022 10:50 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Mon, 22 Aug 2022 10:50 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में पिता को इलाज के लिए हाथ ठेले में ले जाने वाली खबर जांच में गलत पाई गई है। जांच रिपोर्ट में जानकारी गलत पाए जाने के बाद झूठी खबर देने वाले तीन पत्रकारों पर धोखाधड़ी और भ्रामक जानकारी देने के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

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Case registered against three journalists who gave false news to sick father in handcart in Bhind
गलत खबर देने पर तीन पत्रकारों पर मामला दर्ज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में पिता को इलाज के लिए हाथ ठेले में ले जाने वाली खबर जांच में गलत पाई गई है। जांच रिपोर्ट में जानकारी गलत पाए जाने के बाद झूठी खबर देने वाले तीन पत्रकारों पर धोखाधड़ी और भ्रामक जानकारी देने के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
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दरअसल 14,15 और 16 अगस्त को जिले में मरीज को एंबुलेंस न मिलने और हाथ ठेले पर अस्पताल ले जाने का मामला सामने आया था, जिस पर भिंड जिला कलेक्टर ने जांच के लिए एक समिति का गठन किया था, हाल ही में जारी समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि पीड़ित ने पिता को एंबुलेस ले जाने के लिए एंबुलेंस को फोन नहीं किया था। मरीज का पुत्र रामचरण मारपुरा से अपने पिता को हाथ ठेले से दमोह में एक निजी अस्पताल ले जा रहा था। वह 14, 15 और 16 अगस्त को तीनों दिन पिता को हाथ ठेले से अपने पुत्र और पुत्री के साथ लेकर इलाज कराने के लिए पहुंचा था। मरीज ग्याप्रसाद विश्वकर्मा का नाती हरिसिंह दमोह और अमाहा में चाट का ठेला लगाता है। अपने दादा का इलाज कराने के लिए वह अपने ठेले में ही लेकर गया था, उसने एंबुलेंस को कॉल नहीं किया था। 
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मरीज को ले जाते समय रास्ते में पत्रकार कुंजबिहारी और कुछ अन्य लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल किया था, साथ ही ये जानकारी भी दी थी, कि जिले में लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोहताज हैं और उन्हें शासकीय सेवाओं का लाभ नहीं मिला रहा हैं। समाचार पत्रों के माध्यम से मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर ने जांच समिति बैठाई थी, जिसमें पाया गया कि मरीज के परिजनों ने एंबुलेंस को कॉल नहीं किया था, साथ ही उन्हें समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर की जानकारी भी नहीं है। 

जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि ग्याप्रसाद और उसके बड़े बेटे दोनों को ही शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिला हैं। दोनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले हैं। वहीं ग्याप्रसाद और उसकी पत्नी को वृद्धावस्था पेंशन भी मिल रही है। उनका गरीबी रेखा का कार्ड है और दो बीघा जमीन है, जिस पर खेती की जाती है। पीड़ित परिवार को किसान कल्याण योजना का लाभ भी मिल रहा है। जांच समिति की रिपोर्ट में खबर गलत पाए जाने के बाद पत्रकार कुंजबिहारी समेत दो अन्य पत्रकारों पर मामला दर्ज किया गया है।
 
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