{"_id":"66e6d3972ebad09cdd012465","slug":"bhind-news-crocodile-reached-chaumhon-village-due-to-flood-of-chambal-river-in-bhind-district-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhind News: चंबल नदी की बाढ़ के साथ आ गया मगरमच्छ, ग्रामीणों ने पकड़कर रस्सी से बांध नदी में छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhind News: चंबल नदी की बाढ़ के साथ आ गया मगरमच्छ, ग्रामीणों ने पकड़कर रस्सी से बांध नदी में छोड़ा
Sun, 15 Sep 2024 06:01 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 15 Sep 2024 06:01 PM IST
सार
भिंड जिले में चंबल नदी की बाढ़ के कारण एक मगरमच्छ चौम्हों गांव तक पहुंच गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को रस्सी से बांधकर काबू में किया और उसे सुरक्षित रूप से चंबल नदी में वापस छोड़ दिया। ग्रामीणों को अलर्ट पर रखा गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
मगरमच्छ के पकड़ते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भिंड जिले में चंबल नदी बाढ़ पर है। बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ नदी से करीब डेढ़ किलोमीटर चौम्हों गांव में पहुंच गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को रस्सी से भैंस की तर्ज पर बंधक लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चंबल नदी में छोड़ा। चंबल नदी में बाढ़ के पानी के साथ करीब डेढ़ से दो किलोमीटर मीटर दूर चौम्हों गांव के नजदीक एक मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ आने की खबर से ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने जलीय जानवर को घेर लिया।
विज्ञापन
इसके बाद सभी ने मिलकर मगरमच्छ पर काबू पाया और उसके गले में रस्सी बांधने में सफल रहे। रस्सी का दूसरा शिरा बबूल के पेड़ से बांध दिया, जिससे मगरमच्छ भाग न सके। इसके बाद ग्रामीणों ने एकत्रित होकर चंबल नदी में छोड़ दिया।
विज्ञापन
बता दें भिंड जिले के करीब 100 गांव के रहवासियों की सांसें हलक में अटकी थी। सिंध का जल स्तर डेंजर जोन से 6 मीटर ऊपर बह रहा था। इस कारण से सिंध के किनारे बसे 33 गांव के आसपास पानी पहुंच चुका था। करीब एक दर्जन गांव में पानी घरों में घुस गया था। शनिवार रविवार की रात सिंध नदी में तेजी से पानी उतरा है। अब यह पानी मेंहदा घाट पर खतरे के निशान पर आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंध नदी का जलस्तर गिर रहा है और खतरे के निशान से शाम तक नीचे पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
इधर, चंबल नदी भी लगातार अपना रौद्र रूप दिखा कर डरा रही थी। चंबल का जल स्तर सुबह उदी घाट पर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बढ़ चुका था। इस कारण से जिला प्रशासन ने चंबल नदी के किनारे के 18 गांव को अलर्ट किया था। इन गांवों को समय रहते खाली किए जाने की भी निर्देश दिए थे। ग्रामीणों को सुरक्षित इलाके में पहुंचने की सलाह दी गई थी, लेकिन शनिवार रविवार की रात से चंबल के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है और रविवार की सुबह 7:30 बजे सिंचाई विभाग के लोगों ने चंबल को खतरे के निशान पर नापा है।
