फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhind News ›   Bhind News Chambal Marathon-4 Preparations for Chambal Marathon in full swing Registration starts

Chambal Marathon: मैराथन की तैयारी शुरू, बीहड़ों में दौड़ने के लिए भिंड के युवाओं का सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन

Tue, 09 Jan 2024 06:37 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 09 Jan 2024 06:37 PM IST
सार

चंबल संग्रहालय द्वारा आयोजित चंबल मैराथन का चौथा संस्करण आगामी 14 जनवरी 2024 को पांच नदियों के संगम क्षेत्र पंचनद घाटी में आयोजित किया जा रहा है। चंबल मैराथन के चौथे वर्ष के आयोजन को अंतिम रूप देने के लिए आयोजन समिति के सदस्य जोर-शोर से जुटे हुए हैं।

विज्ञापन
Bhind News Chambal Marathon-4 Preparations for Chambal Marathon in full swing Registration starts
मैराथन दौड़ की तैयारी शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंबल संग्रहालय द्वारा आयोजित चंबल मैराथन का चौथा संस्करण आगामी 14 जनवरी 2024 को पांच नदियों के संगम क्षेत्र पंचनद घाटी में आयोजित किया जा रहा है। चंबल मैराथन के चौथे वर्ष के आयोजन को अंतिम रूप देने के लिए आयोजन समिति के सदस्य जोर-शोर से जुटे हुए हैं। चंबल मैराथन में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।

विज्ञापन


चंबल मैराथन 2024 का रूट जुहीखा, कंजौसा, बिठौली, चौरेला, हरकेपुरा, सुल्तानपुरा, हुकुमपुरा, बिलौड़ और जगम्मनपुर होते हुए जुहीखा तक 42.195 किमी तक प्रस्तावित है। चंबल मैराथन में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान के धावक अपना दमखम दिखाएंगे। रविवार, 14 जनवरी को प्रातः आठ बजे से मैराथन की दौड़ शुरू होगी। वहीं, चंबल क्षेत्र के तहत आने वाले भिंड जिले के युवाओं ने अब तक सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन करवाया है।
विज्ञापन




चंबल मैराथन के संस्थापक और दस्तावेजी लेखक डॉ. शाहआलम राना ने जानकारी देते हुए बताया कि चंबल घोषणा पत्र को लागू कराने के लिए इस बार 42.195 किमी. की मैराथन दौड़ होगी। उन्होंने बताया कि चंबल-अंचल की तस्वीर बदलने के लिए अनथक परिश्रम से 'चंबल जन घोषणा-पत्र 2019’ का निर्माण किया गया था। उत्तर प्रदेश  के चार जनपदों (बाह- आगरा, इटावा, औरैया और जालौन) तथा मध्यप्रदेश के दो (भिंड, मुरैना) एवं राजस्थान के धौलपुर की दुःसाध्य यात्राएं कर और लंबे जनसंपर्क व राजनैतिक एवं प्रशासनिक अमले से मिलकर तथा इन मुद्दों के प्रति उन्हें आगाह करते हुए कोई दो महीने के उपरांत इस महत्वपूर्ण चंबल घोषणा-पत्र का निर्माण किया था। इसका उद्देश्य यह था कि जिम्मेदार लोग इस घोषणा पत्र को पढ़ें और चंबल क्षेत्र की समस्याओं से रूबरू हों। साथ ही अपने अंचल के जन मानस के ध्यानार्थ कि वे भी अपने अंचल की वास्तविक समस्याओं से रूबरू हों और उन्हें पूर्ण कराने के वास्ते अपने क्षेत्र के जन प्रतिनिधयों पर दबाब भी बनाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चंबल परिवार प्रमुख डॉ. शाहआलम राना ने जोर देते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चंबल घाटी के रणबाकुरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। इतिहास उत्खनन के दौरान ब्रिटिशकालीन दस्तावेजों में बीहड़ के लड़ाका पुरखों की गाथाएं रोमांचित करती हैं। हमें उन महानायकों को अपने सामने खड़ा कर उनसे प्रकाशपुंज ग्रहण करें। आज भी देश की सेना में सबसे ज्यादा चंबल-अंचल के जाबांज हथियार थामे खड़े हैं। देश की सरहदों पर शहीद हुए सैनिकों के स्मारक घाटी के बीहड़ों में गांव-गांव मिल जाएंगे। लिहाजा वर्षों से चंबल की बेहतरी की हमारी सरकारों से जायज मांग रही है। गौरतलब है कि चंबल मैराथन का पहला वर्ष इटावा में ‘रन फार बेटर चंबल’ दूसरा वर्ष भिंड में ‘स्प्रिट चंबल’ और तीसरा वर्ष मुरैना में ‘चंबल रेजिमेंट लागू करो’ के नारों के साथ ऐतिहासिक रूप से सफल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed