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MP Election: कमलनाथ बोले- डाक मतपत्र खोलना अक्षम्य अपराध, बालाघाट के अफसरो को दे दी कड़े शब्दों में चेतावनी

Tue, 28 Nov 2023 03:01 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट/भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट/भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Tue, 28 Nov 2023 03:01 PM IST
सार

MP Election 2023: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बालाघाट प्रकरण में अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बालाघाट में डाक मतपत्रों को जिस तरह खोला गया, वह गंभीर कदाचरण है। 
 

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Balaghat Postal Ballet Counting Issue Intensifies As Kamal Nath Threatens Officials of Wrongdoing
पूर्व सीएम कमलनाथ - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश के बालाघाट में डाक मतपत्रों को खोलने के मसले पर सियासत गर्मा गई है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने एआरओ हिम्मत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मसले पर अधिकारियों को सख्त शब्दों में हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि बालाघाट में जो हुआ है, वह कदाचरण की श्रेणी में आता है। 

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बालाघाट में सोमवार को एआरओ हिम्मत सिंह ने डाक मतपत्रों की पेटी खुलवाकर विधानसभावार सॉर्टिंग करवाई थी। कांग्रेस ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन को शिकायत की थी और आरोप लगाया है कि डाक मतपत्रों में हेराफेरी की गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। वहीं, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी मामले की जानकारी मंगाई थी। भाजपा के प्रवक्ता बालाघाट जिला प्रशासन की कार्रवाई का बचाव करते हुए कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं। 
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कमलनाथ ने अधिकारियों को दी चेतावनी 
कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा लोकतंत्र के बुनियादी उसूल हैं। सोमवार को बालाघाट में डाक मतपत्रों को जिस तरह से खोला गया, वह गंभीर कदाचरण है। उसके बाद सरकारी मशीनरी और जिम्मेदार अधिकारियों ने जिस तरह से इस कृत्य को सही साबित करने की कोशिश की, वह और भी अक्षम्य अपराध है। मैं चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारियों को याद दिलाना चाहता हूं कि इस समय वह निर्वाचन आयोग के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं, जो मध्य प्रदेश सरकार से अलग एक स्वायत्त संस्था है। वे इस समय किसी पार्टी या मंत्री के मातहत काम नहीं कर रहे हैं। सभी अधिकारी-कर्मचारियों से निवेदन है कि वह किसी भी असंवैधानिक या गैरकानूनी आदेश का पालन न करें और सिर्फ वही कार्य करें जो करना उनका प्रशासनिक दायित्व है। एक-एक अधिकारी और कर्मचारी की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट जनता के पास है। मैं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से भी आग्रह करता हूं कि वह अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए कड़े से कड़े संघर्ष के लिए तैयार रहें। तीन दिसंबर को मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर जनता की मुहर लग जाएगी। इसलिए वे निर्द्वंद्व होकर अपने कार्य में जुट जाएं। सत्यमेव जयते।
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कांग्रेस ने उठाए हैं सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि जब चुनाव आयोग के ही स्पष्ट निर्देश हैं कि डाक मतपत्रों की भी गणना तीन दिसंबर के दिन सुबह आठ बजे होगी तो बालाघाट में 27 नवंबर को स्ट्रॉन्ग रूम कैसे खोला गया, क्या इस कार्य के लिए चुनाव आयोग के ही निर्देश थे? कलेक्टर आरओ कह रहे हैं कि कांग्रेस को कुछ कंफ्यूजन है तो फिर नोडल अफसर को सस्पेंड क्यों किया गया? असली दोषी तो वही कलेक्टर है,जिनसे उक्त कृत्य की अब निर्वाचन पदाधिकारी जांच करवाएंगे! क्या राज्य की पूरी जनता मूर्ख और समझदार सिर्फ आप ही हैं? मिश्रा ने तो अनुपम राजन पर भी भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा दिया। उन्होंने अनुपम राजन से पूछा कि क्या यह घटना किसी राष्ट्रद्रोह के समकक्ष नहीं है,आप संविधान के रक्षक हैं या...!!

भाजपा ने साझा किया कांग्रेस प्रतिनिधि के हस्ताक्षर वाला कागज
भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने बालाघाट बैलेट पेपर वाले मामले में कांग्रेस के आरोपों को झूठ बताया है। उन्होंने कहा कि खुद कांग्रेस के संगठन मंत्री का बयान सामने आ चुका है कि गफ़लत हो गई थी , हम संतुष्ट है। साथ ही यह है वो हस्ताक्षर वाला प्रमाण, जिसमें कांग्रेस के प्रतिनिधि की उपस्थिति में पोस्टल बैलेट पेपर के बंडल जमाने का कार्य किया गया था। अब झूठे आरोप लगाने वाले कांग्रेस के नेता माफी मांगे। हालांकि, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का आरोप है कि तीन बजे स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाना था। उसे डेढ़ बजे ही खोल दिया गया। जब हम पहुंचे तो वहां डाक मतपत्रों के बंडल बनाए जा रहे थे। हमारे प्रतिनिधि वहां मौजूद थे तो स्ट्रॉन्ग रूम को सील करने की बात पर ही उन्होंने संतुष्टि जताई है। 


एआरओ को निलंबित करने की यह बताई वजह
इससे पहले कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने एआरओ हिम्मत सिंह को निलंबित करने की भी यही वजह बताई थी। गिरीश मिश्रा का कहना है कि हिम्मत सिंह ने तीन बजे स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की मौखिक अनुमति ली थी। उन्होंने डेढ़ बजे ही स्ट्रॉन्ग रूम खोल दिया। यह नियमों के विपरीत है। इसी वजह से उन्हें निलंबित किया गया है।  

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