यूपी-बिहार के प्रवासियों पर कमलनाथ के बयान से आया सियासी भूचाल, चौतरफा हमला
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यूपी- बिहार के प्रवासियों पर दिए अपने बयान के बाद अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। इस मुद्दे पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने ट्वीट करके निशाना साधा। उन्होनें इस बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस पर सत्ता में आते ही नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
बिहार के लोगों पर कांग्रेस नेता कमलनाथ का बयान घोर निन्दनीय है।
— Nityanand Rai (@nityanandraibjp) December 17, 2018
सत्ता में आये अभी दो दिन ही हुए कि कांग्रेस पार्टी का अहंकार नजर आने लगा है व उनका मूल चरित्र खोल से बाहर आने लगा है।
कांग्रेस ने सत्ता संभालते ही मध्यप्रदेश में क्षेत्रवाद का बीज बोना शुरू कर दिया।
बिहार में भाजपा की सहयोगी जनता दल (यू) भी इसपर मुखर हो गई है। पार्टी ने कहा कि बिहार और यूपी में कांग्रेस का खस्ताहाल है, यही वजह है कि कांग्रेस यहां के लोगों से दुश्मनी निकाल रही है। यह सब राहुल गांधी के निशाने पर हो रहा है।
बिहार के नवादा से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इस बयान पर कमलनाथ को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि कांग्रेस विदेशियों की तोड़ों और राज करो की नीति पर चल रही है और यूपी-बिहार की जनता इनको मुंह तोड़ जवाब देगी। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की भी मांग की है।
कमलनाथ जी का यू०पी और बिहार बिरोधी बयान कांग्रेस के विचारों को दोहराता है ..ये विदेशियों के गुलाम देश तोड़ो और राज करो के फार्मूले पर चल रहे है ।
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) December 18, 2018
बिहार एवं UP इनको मुहतोड़ जवाब देगा ।
राज ठाकरे की तरह क्षेत्रवाद और नफरत के बीज वाली घिनौनी राजनीति के लिए राहुल गांधी माफी मांगे।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तप्रदेश के लोगों को किसी के आगे हाथ फैलाने की जरुरत नहीं है।
इन मुद्दों पर भी बोले मुख्यमंत्री कमलनाथ
कमलनाथ ने कहा कि हमने अनुदान को लेकर यह फैसला इसलिए लिया है ताकि स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके। नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने चार वस्त्र पार्क (गारमेंट पार्क) खोलने की भी घोषणा की।
कार्यभार संभालने के चंद घंटों में ही कमलनाथ ने राहुल गांधी के कर्जमाफी के एलान को पूरा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर पहली फाइल जिसपर मैंने दस्तखत किए वो किसानों के कर्जमाफी की है, जिसका वादा हमने अपने वचनपत्र में किया था। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार बनने के 10 दिनों में कर्जमाफी का वादा किया था।
कांग्रेस सरकार ने एक अध्यादेश जारी करके सरकारी और सहकारी बैंकों से 31 मार्च 2018 तक किसानों के 2 लाख तक के सभी कर्ज को माफ करने का आदेश जारी किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 34 लाख किसानों को इसका फायदा होगा ।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जब बैंक बड़े उद्योगपतियों का 40 से 50 फीसदी कर्ज माफ कर देते हैं तो कोई कुछ नहीं कहता मगर जब किसानों के कर्ज माफ होते हैं तो सवाल उठते हैं। सरकार ने कन्यादान योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि को भी बढ़ाकर 28 हजार से 51 हजार कर दिया है।
आरएसएस की शाखाओं को सरकारी संस्थानों में प्रतिबंधित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह आदेश केंद्र और गुजरात सरकार की तर्ज पर लिया गया है और इसमें कुछ भी नया नहीं है।
