फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ashoknagar News ›   Ashoknagar News: There is no Muktidham in Scindia's parliamentary constituency

Ashoknagar: यहां परिजन खुद मुक्तिधाम बनाकर कर रहे अपनों का अंतिम संस्कार, नगर परिषद देता है चार पाइप और टीन

Fri, 16 Aug 2024 09:46 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Fri, 16 Aug 2024 09:46 PM IST
सार

पिपरई क्षेत्र के इमलिया गांव में मुक्तिधाम न होने के कारण एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश के बीच टीन सेट लगाकर किया गया। इससे पहले भी दो अन्य मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें त्रिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार किए गए थे।

विज्ञापन
Ashoknagar News: There is no Muktidham in Scindia's parliamentary constituency
टीन सेट लगाकर अंतिम संस्कार के तैयारी करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिपरई क्षेत्र में अगस्त के महीने में ही मुक्तिधाम न होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को जद्दोजहद करने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। ताजा मामला इमलिया गांव का है, जो नगरीय क्षेत्र में आता है। यहां पर एक बुजुर्ग महिला का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बारिश के बीच कामचलाऊ टीन सेट लगाकर किया गया।

विज्ञापन


नगर परिषद के वार्ड नंबर-8 की रहने वाली मान बाई पत्नी अमान सिंह आदिवासी का एक दिन पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। उस समय लगातार बारिश हो रही थी। कुछ देर तक परिवार के लोगों ने बारिश थमने का इंतजार किया, लेकिन बारिश नहीं थमी तो गांव के लोगों ने नगर परिषद में सूचना दी। इस पर नगर परिषद ने बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के लिए दो टीन और चार पाइप दे दिए।
विज्ञापन


गांव के लोग नगर पालिका के दिए टीन और पाइप लेकर गांव में पहुंचे। वहां पर खाली जगह में युवाओं ने जमीन में गड्ढे करके चारों पाइप गाढ़े। उसके बाद उनके ऊपर दोनों टीन रख दिए। उसके बाद बुजुर्ग महिला के शव का अंतिम संस्कार पूरा हो पाया। नगर परिषद ने भले ही टीन और पाइप दे दिए, लेकिन लोगों को बारिश के कारण अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, पिपरई नगर परिषद कई ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है, जहां पर मुक्तिधाम न होने के कारण बारिश के मौसम में गांव के लोगों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इससे पहले दो और मामले सामने आए हैं। उनमें से एक स्थान पर गांव के लोगों को त्रिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार किया था। 


इस मामले को केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी प्रेस कांफ्रेंस में उठा चुके हैं। विगत दिनों त्रिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करने को लेकर उन्होंने वहां पर टीन सेट का काम पूरा होने की बात कही थी। क्षेत्र में आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहां पर मुक्तिधाम नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed