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तलाक की अर्जी लेकर कोर्ट पहुंची महिला, जज बोले: पहले करवा चौथ मनाओ फिर होगी सुनवाई
Wed, 04 Nov 2020 03:32 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 04 Nov 2020 03:32 PM IST
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तलाक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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भारतीय त्योहार इसलिए खास माने जाते हैं कि क्योंकि इनमें शामिल होने से रिश्ते और मजबूत होते हैं। त्योहारों में ऐसी रौनक होती है, जो दूर बैठे रिश्तों को और पास लाती है और गिले-शिकवे दूर करती है। ऐसा ही एक मामला भोपाल की फैमिली कोर्ट में देखने को मिला।
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एक महिला ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर करते हुए यही कहा कि उसने एक ही शर्त पर शादी करने की हां की थी कि वह कभी अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ेगी। पहले तो ससुराल वालों ने हां कर दी, लेकिन शादी के बाद पढ़ाई बंद करा दी। इस बात पर पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला तलाक तक पहुंच गया।
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कोर्ट ने मामले को काउंसलिंग के लिए भेजा। दोनों पक्षों को बुलाया गया। काउंसलिंग में पति और उसकी मां (सास) पहुंचे और दोनों ने बहू पर कई आरोप लगाए। इसके बाद काउंसलर नुरुनिशा खान ने महिला को समझाया और मामले की पूरी जानकारी जज को दी।
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जब कोर्ट में सुनवाई होने लगी तो कोर्ट ने महिला से कहा कि पहले करवाचौथ मनाकर आओ औऱ उसके बाद अपनी पूरी रिपोर्ट कोर्ट में दर्ज करना। अब मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। महिला काउंसलिंग सभागार से ही मंगलवार को पति और सास के साथ चली गई।
काउंसलर खान ने बताया कि ऐसे कई सामने आए जब पति, बहू और सास तीनों भावुक हुए और सास नहीं चाहती कि उसके बेटे का परिवार टूटे।
महिला ने पढ़ाई नहीं करने देने का आरोप लगाया
महिला ने आरोप लगाया कि उसका रिश्ता लेकर ससुराल वाले आए थे, उस समय वह पढ़ाई कर रही थी। पति बरेली, रायसेन में नगरपालिका में क्लर्क है। पति 12वीं पास है जबकि पत्नी ने स्नातक की पढ़ाई की हुई है। महिला ने कहा कि मेरे माता-पिता ने 12वीं पास लड़के से इसलिए शादी करा दी क्योंकि उसकी सरकारी नौकरी थी।
महिला ने बताया कि शादी तय होने के दौरान मैंने साफ कह दिया था कि मैं आगे पढ़ाई करूंगी और नौकरी भी करूंगी। तब इस पर सभी ने सहमति भी जताई थी। महिला ने बताया कि वह शादी के दौरान वकालत की पढ़ाई कर रही थी लेकिन बाद में पति और सास ने मेरी पढ़ाई रुकवा दी।
मारपीट की नौबत आई
महिला नौकरी करना चाहती थी लेकिन पति नहीं चाहता था कि वह घर से बाहर निकले। इसे लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट तक की नौबत आ गई।
सास ने मानी पढ़ाई जारी रखवाने की बात
महिला की सास का कहना कि शादी से पहले उसने और उसके बेटे ने लड़की की पढ़ाई आगे जारी रखवाने के लिए हामी भरी थी, लेकिन अब वो चाहते हैं कि बहू अपनी वकालत की पढ़ाई करने के बाद घर-गृहस्थी संभाले। सास का कहना है कि वह नहीं चाहती कि उसके बेटे का घर टूटे।
