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मां-बहन की लाशों के साथ दो महीने से रह रही थी महिला, दरवाजा तोड़ा तो पैरों तले खिसक गई जमीन
Fri, 08 Nov 2019 01:10 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 08 Nov 2019 01:10 PM IST
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घर का दरवाजा तोड़कर दीपा को बाहर निकालती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अपनी मां व बहन के शव के साथ एक युवती दो माह से रह रही थी। मकान से शव के सड़ने की बदबू आने पर पड़ोसियों ने इसकी सूचना गुरुवार को दी तो घर का दरवाजा तोड़ने पर मां और बेटी के कंकाल मिले जबकि युवती वहां पर सोती पाई गई।
मामला नगर कोतवाली के देवकाली चौकी स्थित आदर्श नगर कॉलोनी का है। पड़ोसी बताते हैं कि तीनों मानसिक रूप से बीमार थीं, इसलिए कोई उनसे मतलब नहीं रखता था। मकान से बदबू आने की शिकायत एक माह से पुलिस से की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार यह परिवार एक पूर्व एसडीएम विजेंद्र श्रीवास्तव का था जिनकी 1990 में ही मौत हो गई थी। घर में मां व दो बेटियां थीं जो विक्षिप्त बताई जा रही हैं।
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नगर कोतवाली पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली कि देवकाली चौकी के आदर्श नगर कॉलोनी में पूर्व एसडीएम विजेंद्र श्रीवास्तव के घर के अंदर से बदबू आ रही है। सूचना मिलने पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने जब घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर दो महिलाओं की सड़ी-गली लाश मिली। दूसरे कमरे में एक युवती सोती मिली।
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मामला नगर कोतवाली के देवकाली चौकी स्थित आदर्श नगर कॉलोनी का है। पड़ोसी बताते हैं कि तीनों मानसिक रूप से बीमार थीं, इसलिए कोई उनसे मतलब नहीं रखता था। मकान से बदबू आने की शिकायत एक माह से पुलिस से की जा रही थी।
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पुलिस के अनुसार यह परिवार एक पूर्व एसडीएम विजेंद्र श्रीवास्तव का था जिनकी 1990 में ही मौत हो गई थी। घर में मां व दो बेटियां थीं जो विक्षिप्त बताई जा रही हैं।
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नगर कोतवाली पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली कि देवकाली चौकी के आदर्श नगर कॉलोनी में पूर्व एसडीएम विजेंद्र श्रीवास्तव के घर के अंदर से बदबू आ रही है। सूचना मिलने पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने जब घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर दो महिलाओं की सड़ी-गली लाश मिली। दूसरे कमरे में एक युवती सोती मिली।
जांच में पता चला कि यह परिवार पूर्व एसडीएम विजेंद्र श्रीवास्तव का है जिनकी मौत 90 के दशक में हो चुकी है। परिवार में उनकी पत्नी व तीन बेटियां थीं। पत्नी व दो बेटियों की मानसिक हालत ठीक नहीं थी।
इनमें से एक बेटी जो स्वस्थ बताई जाती है, उसकी मौत दो माह पूर्व ही हो गई थी। वर्तमान में मां और दो बेटियां साथ रह रही थीं। विगत कई करीब डेढ़ माह से उस घर में कोई हलचल नहीं हो रही थी, गुरुवार की दोपहर तेज बदबू आने पर कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, मौके पर जब पुलिस पहुंची तो उसे घर के अंदर मां-बेटी का शव मिला, जबकि एक बेटी बगल की कमरे में सोती हुई मिली।
सीओ सिटी अरविंद चौरसिया ने बताया कि पूर्व एसडीएम के परिवार में उनकी पत्नी पुष्पा श्रीवास्तव, बेटी बीना श्रीवास्तव, व दीपा श्रीवास्तव रहती थीं यह सभी मानसिक रूप से बीमार थीं। इनकी एक बेटी जो मानसिक रूप से स्वस्थ थी उसकी कुछ माह पूर्व मौत हो गई थी।
गुरुवार को सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मां-बेटी के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जबकि मानसिक रूप से बीमार दूसरी बेटी दीपा को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। सीओ ने बताया कि मौत का कारण क्या है, यह पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगा। दूसरी बेटी दीपा अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।
इनमें से एक बेटी जो स्वस्थ बताई जाती है, उसकी मौत दो माह पूर्व ही हो गई थी। वर्तमान में मां और दो बेटियां साथ रह रही थीं। विगत कई करीब डेढ़ माह से उस घर में कोई हलचल नहीं हो रही थी, गुरुवार की दोपहर तेज बदबू आने पर कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, मौके पर जब पुलिस पहुंची तो उसे घर के अंदर मां-बेटी का शव मिला, जबकि एक बेटी बगल की कमरे में सोती हुई मिली।
सीओ सिटी अरविंद चौरसिया ने बताया कि पूर्व एसडीएम के परिवार में उनकी पत्नी पुष्पा श्रीवास्तव, बेटी बीना श्रीवास्तव, व दीपा श्रीवास्तव रहती थीं यह सभी मानसिक रूप से बीमार थीं। इनकी एक बेटी जो मानसिक रूप से स्वस्थ थी उसकी कुछ माह पूर्व मौत हो गई थी।
गुरुवार को सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मां-बेटी के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जबकि मानसिक रूप से बीमार दूसरी बेटी दीपा को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। सीओ ने बताया कि मौत का कारण क्या है, यह पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगा। दूसरी बेटी दीपा अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।