फरिश्ता बनकर आई बेटी ने कुछ इस तरह दिया पिता व भाई को नया जीवन
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लखनऊ में हुए एक हादसे में बेटी की सूझबूझ से भाई और पिता की जान बच गई। बुधवार को ठाकुरगंज बालू से भरा ट्रक झोपड़ी पर पलट जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त इस्लाम की 15 साल की बेटी फरिश्ता बनकर आई। उसने एक पल की देरी किए बगैर पिता और छोटे भाई जैद की जान बचाई। मौत के मुंह से निकले पिता-पुत्र काफी देर तक सामान्य नहीं हो सके।
इस्लाम ने बताया कि वह झोपड़े के दरवाजे के बगल में सो रहा था। नाजिया उसके पास ही लेटी थी। चूंकि, वह दीवार से सटकर लेटा था इसलिए ईंटें और मौरंग उसके ऊपर गिर पड़ीं।
तेज आवाज सुनकर नाजिया उठी तो पहली नजर भीतर के कमरे पर गई। चारों तरफ तबाही का मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। चारों तरफ मलबा पड़ा था। नाजिया यह देखकर रोने लगी लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
मां और बहनों की तलाश में रही परेशान
उसने मलबा हटाया तो छोटा भाई जैद मिल गया। वह उसे खींचकर बाहर निकाल लाई तो नजर वहां पड़ी जहां पिता लेटे थे। वहां मलबा देखकर वह तुरंत उनकी तलाश में जुट गई।
ईंटे हटाने पर पिता का हाथ दिखा तो नाजिया पकड़कर खींचने लगी। इस बीच आसपास के लोग उसकी मदद को आ गए। सबने मिलकर इस्लाम को बाहर निकाला। इसके बाद नाजिया मां और बहनों की तलाश में पागलों की तरह मलबा हटाती रही लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाजिया ने बताया कि छोटी बहन हिना इलाके के ही श्रीराम प्रसाद चौधरी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी जबकि इकरा मदरसा में पढ़ रही थी। राज की बेटी मंतशा भी मदरसा में आठवीं जमात में पढ़ रही थी जबकि बेटा मो. सलीम श्रीराम स्कूल में कक्षा एक का छात्र था।