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लखनऊ यूनिवर्सिटी के शिक्षक ने हड्डियों को जोड़ने के लिए बनाई चीनी मिट्टी की प्लेट, किया ये दावा
Sat, 31 Oct 2020 02:01 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 31 Oct 2020 02:01 PM IST
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डॉ चंदकीराम गौतम
- फोटो : अमर उजाला
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आपके शरीर की टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए अब धातु के बजाय चीनी मिट्टी की प्लेट का उपयोग होगा। लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. चंदकीराम गौतम ने अपनी शोध टीम के साथ मिलकर हड्डी को जोड़ने के लिए धातु के बजाय सिरेमिक प्लेट बनाई है। चीनी मिट्टी का यह मिश्रण धातु के मुकाबले ज्यादा मजबूत होने के साथ ही सुरक्षित भी है।
लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व के अग्रणी अनुसंधान समूह के सहयोग से एलयू की शोध टीम ने यह प्रणाली विकसित की है। नैनोकम्पोजिट आधारित हाइड्राक्सियापेटाइट का उपयोग करके हड्डी प्रत्यारोपण के लिए कई सिरेमिक सामग्री विकसित की है।
इस शोध टीम में डॉ. अमरेंद्र गौतम, सर्वेश कुमार अविनाशी, प्रो. मनीषा गुप्ता और अजाज हुसैन (एडवांस्ड ग्लास एंड ग्लास सेरामिक्स रिसर्च लेबोरेटरी, लखनऊ विवि) शामिल थे। साथ ही इसमें प्रो. पीएम अजयन और रॉबर्ट वाजताई (राइस यूनिवर्सिटी, ह्यूस्टन टेक्सॉस यूएसए) डॉ. विजय कुमार मिश्रा (डीपीएस गोरखपुर), डॉ. मोनालिसा मिश्रा (एनआईटी, राउरकेला) शामिल थे। अध्ययन के परिणाम कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
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लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व के अग्रणी अनुसंधान समूह के सहयोग से एलयू की शोध टीम ने यह प्रणाली विकसित की है। नैनोकम्पोजिट आधारित हाइड्राक्सियापेटाइट का उपयोग करके हड्डी प्रत्यारोपण के लिए कई सिरेमिक सामग्री विकसित की है।
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इस शोध टीम में डॉ. अमरेंद्र गौतम, सर्वेश कुमार अविनाशी, प्रो. मनीषा गुप्ता और अजाज हुसैन (एडवांस्ड ग्लास एंड ग्लास सेरामिक्स रिसर्च लेबोरेटरी, लखनऊ विवि) शामिल थे। साथ ही इसमें प्रो. पीएम अजयन और रॉबर्ट वाजताई (राइस यूनिवर्सिटी, ह्यूस्टन टेक्सॉस यूएसए) डॉ. विजय कुमार मिश्रा (डीपीएस गोरखपुर), डॉ. मोनालिसा मिश्रा (एनआईटी, राउरकेला) शामिल थे। अध्ययन के परिणाम कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
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शरीर के भीतर धातु करती है नुकसान
डॉ. गौतम ने बताया कि आर्थोपेडिक और दंत चिकित्सा में क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त भागों की जगह धातु प्रत्यारोपण अधिक लोकप्रिय थे। लेकिन धातु प्रत्यारोपण शरीर के भीतर नुकसान करता है। कई बार इसमें सूजन हो जाती है। खासकर सर्दियों में या गर्मी में धातु सिकुड़ती और फैलती है। इससे भी समस्या होती है। वहीं, चीनी मिट्टी की प्लेट शरीर के साथ जुड़ जाती है। इससे कोई नुकसान नहीं होता है।