सड़क पर पड़े सारस की जान बचाने के लिए कहां तक गए ये पति-पत्नी!
- सारस की जान बचाने हरदोई से लौटे शिक्षक दंपती
- हाईटेंशन लाइन से बुरी तरह झुलसे सारस को देख जगी दया
- मंजिल छोड़ 80 किमी दूर से आए लखनऊ जू लेकर
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वर्तमान समय में जहां लोग सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को देख मुंह फेरकर चल देते हैं, वहीं एक शिक्षक दंपती ने हाईटेंशन लाइन से झुलसे राज्यपक्षी सारस की जान बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की।
अपने गंतव्य के करीब पहुंच चुके शिक्षक दंपती करीब ढाई-तीन घंटे का सफर तय करने के बाद घायल सारस को लेकर वे लखनऊ जू पहुंचे, लेकिन यहां पता चला कि रास्ते में ही वह दम तोड़ चुका था।
एक प्रतिष्ठित स्कूल के शिक्षक कानपुर रोड निवासी देवेंद्र नैथानी अपनी पत्नी अपर्णा नैथानी के साथ बुधवार दोपहर निजी काम से हरदोई के मल्लावां जा रहे थे।
रास्ते में लखनऊ से करीब 80 किमी. दूर संडीला गौसगंज के पास उन्हें खेत में हाईटेंशन लाइन से टकराकर गिरता हुआ सारस दिखा, जो बुरी तरह झुलस चुका था।
सारस ने रास्ते में ही तोड़ दिया था दम
देवेंद्र ने 100 नंबर डायल किया, जिस पर उन्हें हरदोई पुलिस के अधिकारियों के नंबर दे दिए गए। वहां से भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क किया।
वहां से उन्हें लखनऊ प्राणि उद्यान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष शुक्ला का नंबर मिला। उनसे बात करने के बाद दंपती ने ग्रामीणों की मदद से घायल सारस को कार में शिफ्ट किया और लखनऊ के लिए गाड़ी भगा दी।
लखनऊ जू आने पर डॉ उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि सारस रास्ते में ही दम तोड़ चुका था। बृहस्पतिवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।