{"_id":"5fd072c6fa718f45d61e2857","slug":"student-madhavam-pratip-shahi-created-an-app-for-the-safety-of-women-and-girls","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 वीं के छात्र ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाया एक एप, नाम दिया ‘बहन’, यूं करेगा काम","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
11 वीं के छात्र ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाया एक एप, नाम दिया ‘बहन’, यूं करेगा काम
Wed, 09 Dec 2020 12:16 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:16 PM IST
विज्ञापन
माधवम प्रतीप शाही
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी व कक्षा 11 के छात्र माधवम प्रतीप शाही ने लॉकडाउन में जो कुछ सीखा, उससे एक एप बना डाला, जिसे नाम दिया बहन। उनका कहना है कि इससे महिलाओं-लड़कियों को किसी भी खतरे के वक्त मदद मिलने में आसानी होगी। एप प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
इसे उन्होंने अक्तूबर में बनाया है। माधवम के मुताबिक, इस एप में दिया हेल्प बटन दबाने पर दो विकल्प आएंगे, नोटिफाइड पुलिस या सामान्य यूजर्स। छह किमी के दायरे में होने वाले सभी पुलिसकर्मियों तक इससे मदद की गुहार पहुंच जाएगी।
वहीं यदि सामान्य यूजर्स तक संदेश पहुंचाना हो तो यह दो किमी के दायरे में काम करेगा। माधवम मॉडर्न एकेडमी के छात्र हैं। उनका दावा है कि कम इंटरनेट स्पीड और कम बैटरी चार्ज की स्थिति में भी यह एप काम करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसे उन्होंने अक्तूबर में बनाया है। माधवम के मुताबिक, इस एप में दिया हेल्प बटन दबाने पर दो विकल्प आएंगे, नोटिफाइड पुलिस या सामान्य यूजर्स। छह किमी के दायरे में होने वाले सभी पुलिसकर्मियों तक इससे मदद की गुहार पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
वहीं यदि सामान्य यूजर्स तक संदेश पहुंचाना हो तो यह दो किमी के दायरे में काम करेगा। माधवम मॉडर्न एकेडमी के छात्र हैं। उनका दावा है कि कम इंटरनेट स्पीड और कम बैटरी चार्ज की स्थिति में भी यह एप काम करेगा।
विज्ञापन